सड़क किनारे नर्मदापुरम में अवैध कब्जों को लेकर आम नागरिको और व्यापारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। प्रवासियो ने सड़क किनारे स्थायी रूप से दुकानें सजाकर व्यापार किया जा रहा है। इस रोष जताते हुए व्यापारियों ने नगर पालिका प्रशासन पर दोहरे रवैये के आरोप लगाए हैं
लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर आज सड़क किनारे दुकानें सजाई जा रही हैं, वहां पहले वाहनों की पार्किंग होती थी। शहर में पहले से ही पार्किंग की भारी कमी है। अब बची हुई जगहों पर भी कब्जे होने लगे हैं। इससे लोगों को वाहन खड़े करने के लिए जगह नहीं मिल रही है। लोगों को मजबूरन बीच सड़क पर वाहन खड़े अवैध कब्जों और सड़क किनारे सजी दुकानों के कारण पहुंचना सुगम नही रह गया है।
लोगों का आरोप है कि नगर पालिका और प्रषासन की अनदेखी के कारण सरकारी सुविधाएं भी कब्जाधारियों के पीछे दबकर रह गई हैं। सड़क किनारे लगी दुकानों के कारण पैदल चलने वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर लोगों को सड़क के बीच से गुजरना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।व्यापारियों का कहना है कि वे हजारों रुपये किराया देकर शहर में दुकानें चला रहे हैं। कुछ लोग सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर कब्जा कर मुफ्त में व्यापार कर रहे हैं। व्यापारियों ने नगर पालिका पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि स्थानीय दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर थोड़ा-सा सामान भी रख दें तो नगरपालिका और प्रषासन की टीम तुरंत कार्रवाई करने पहुंच जाती है, लेकिन सड़क किनारे और सरकारी जमीनों पर हो रहे खुले कब्जों पर प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। क्यो ? आखिर इन पर कार्यवाही क्यो नही ? बाहर दूसरे प्रदेष से आकर अतिक्रमण करके कब्जा करके लोकल के छोटे व्यापारियो का हिस्सा मार रहे है और अतिक्रमण करने से अच्छा खासा आम जनता को परेषानीयो का सामना करना पड़ता है।
