गौवंश संरक्षण की अभिनव पहल
गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन के लिए कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा की पहल रंग लाई
18 घंटे तक लगातार चले अभियान में 2400 गौ वंश को मिला सुरक्षित आश्रय स्थल
नर्मदापुरम/12,जुलाई,2026/ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के आवाहन पर गौ वंश की सुरक्षा एवं उनके संवर्धन के लिए जिले में सतत रूप से कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में विभिन्न अभियान का संचालन कर निराश्रित गौ वंश को उचित आश्रय स्थल एवं गौशालाओं तक स्थानांतरित किया जा रहा है। इसी क्रम में गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन के लिए कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा की एक अभिनव पहल का अत्यंत सकारात्मक एवं गौवंश हितेषी परिणाम देखने को मिला जिसमे जिले के तहसील सिवनी मालवा में 2400 निराश्रित गौ वंश को एक उचित और संरक्षित आश्रय स्थल प्राप्त हुआ जिससे अब मुख्य मार्गों पर विचरण के कारण किसी भी दुर्घटना का शिकार नही होंगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व में कहा है कि जिनके घर गाय है, वे गोपाल है। जहां गौमाता है, वहीं स्वर्ग है। हमें जन्म भले माता ने दिया है, पहली रोटी का अधिकार गौ-माता का ही है। सनातन संस्कृति में गौमाता का अहम स्थान है। गौ-पालन ऐसा माध्यम है, जो आय भी प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव की इसी परिकल्पना को साकार करते हुए कलेक्टर श्री मिश्रा के निर्देश अनुसार सिवनी मालवा तहसील क्षेत्र में निराश्रित गौवंश के संरक्षण, सुव्यवस्थित प्रबंधन तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक एवं संवेदनशील पहल के तहत 'गौमाता चातुर्मास यात्रा' का सफल आयोजन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत लगभग 2400 निराश्रित गौवंश को सुरक्षित रूप से ग्राम बांदर खो स्थित आचार्य विद्यासागर दयोदय गौशाला पहुंचाया गया। सिवनी मालवा क्षेत्र में संचालित 10 शासकीय गौशालाओं एवं एक अस्थायी गौशाला के पूर्ण क्षमता से भरे होने के कारण निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई। इसी दौरान ग्राम बांदर खो स्थित आचार्य विद्यासागर दयोदय निजी गौशाला के प्रबंधन द्वारा अपनी लगभग 2500 रिक्त क्षमता का उपयोग क्षेत्र के निराश्रित गौवंश के आश्रय के लिए उपलब्ध कराने की सहमति दी गई। इसके बाद प्रशासन ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गौसेवकों एवं नागरिकों के सहयोग से लगातार 10 दिनों तक बैठकें एवं जनसंपर्क कर इस महाअभियान की रूपरेखा तैयार की।
अभियान के पूर्व अनुविभागीय दंडाधिकारी श्री विजय राय की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर अभियान की विस्तृत रणनीति तैयार की गई थी। धार्मिक एवं सामाजिक आस्था से जुड़े इस अभियान का शुभारंभ 11 जुलाई को प्रातः 6 बजे ग्राम हिरनखेड़ा स्थित पवित्र तालाब से हुआ। लगभग 40 किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा में विभिन्न ग्रामों से निराश्रित गौवंश को संवेदनशीलता एवं व्यवस्थित तरीके से यात्रा में शामिल करते हुए बांदर खो गौशाला तक पहुंचाया गया। संपूर्ण यात्रा के दौरान यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन की विशेष तैनाती रही। अनुविभागीय दंडाधिकारी श्री विजय राय सहित जनप्रतिनिधियों एवं अन्य प्रशासनिक अमले ने स्वयं लगभग 18 घंटे तक पैदल चलकर अभियान का नेतृत्व किया तथा गौसेवकों का उत्साहवर्धन किया।
लगातार 18 घंटे चले इस अभियान का समापन शनिवार देर रात्रि हुआ, जब लगभग 2400 निराश्रित गौवंश को सकुशल आचार्य विद्यासागर दयोदय गौशाला, बांदर खो में प्रवेश कराया गया। इस पहल से निराश्रित गौवंश को सुरक्षित आश्रय मिलने के साथ-साथ क्षेत्र की प्रमुख सड़कों पर गौवंश के कारण होने वाली संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम में भी महत्वपूर्ण सफलता मिलने की उम्मीद है।