थाने में घुसकर पुलिसकर्मियों से मारपीट करने वाले दो दोषियों को 2-2 साल की सजा
नर्मदापुरम् पिपरिया 07/5/2026
( छगन कुशवाहा )
पिपरिया | करीब 14 साल पुराने पुलिस थाना पिपरिया में घुसकर पुलिसकर्मियों से मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कारावास की सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री मनीष कुमार पारीक की अदालत ने आरोपी बलराम ठाकुर और दिनेश छीपा को धारा 458 भादवि के तहत 2-2 वर्ष के कारावास एवं 2-2 हजार रुपए अर्थदंड तथा धारा 332 भादवि में 1-1 वर्ष कारावास एवं 1-1 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। मामले में शासन की ओर से एडीपीओ चौधरी विक्रम सिंह ने पैरवी की।
अभियोजन के अनुसार 5 सितंबर 2012 को थाना पिपरिया में आरक्षक राजेश सोनी शासकीय कार्य कर रहे थे। इसी दौरान कस्तूरबा वार्ड निवासी एक व्यक्ति झगड़े की रिपोर्ट लिखवा रहा था। तभी आरोपी बलराम ठाकुर, दिनेश छीपा और अन्य लोग थाने पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए एचसीएम कक्ष में घुस गए। पुलिसकर्मियों द्वारा रोकने पर आरोपियों ने धक्का-मुक्की की और रजिस्टर नीचे फेंक दिया। आरोप है कि दिनेश छीपा ने आरक्षक राजेश का हाथ पकड़ लिया, जबकि बलराम ठाकुर ने थप्पड़ मारकर मारपीट की। आरोपियों ने थाने के फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचाया।
घटना को थाना परिसर में मौजूद एसआई एल.के. शर्मा, एएसआई एम.एल. तिवारी, एएसआई पटेल सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने देखा था। मामले में थाना पिपरिया में अपराध क्रमांक 372/2012 दर्ज कर विवेचना की गई। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन ने 15 साक्षियों के बयान कराए। साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
