नर्मदा की पावनता पर नशाखोरी का ग्रहण ए शाम ढलते ही नर्मदा किनारे जुटने लगते हैं असामाजिक तत्व
प्रशासन कब जागेगा मां नर्मदा की पवित्र नगरी नर्मदापुरम जो देश के प्रमुख आध्यात्मिक तीर्थों में शुमार नर्मदापुरम अपनी धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है । प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु , पर्यटक एवं नर्मदा परिक्रमावासी यहां पहुंचकर मां नर्मदा के दर्शन एवं पूजन-अर्चन करते हैं । किंतु हाल के दिनों में नर्मदा तट एवं आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती नशाखोरी की घटनाओं ने इस पवित्र नगरी की गरिमा पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं ?
स्थानीय नागरिकों के अनुसार शाम होते ही नर्मदा के सर्किट हाउस घाट एवं अनय घाट तट एवं अन्य जगहो कुछ सुनसान क्षेत्रों में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है । यहां खुलेआम शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों का सेवन किया जाता है। धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियां श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने के साथ-साथ पवित्र वातावरण को भी दूषित कर रही हैं । लोगो ने बताय कि कुछ लोग वाहनों से यहाॅ आकर नर्मदा तट पर मदिरापान करने आते है। महिलाएॅ बच्चे और बुजुर्ग इनके अशब्दो गाली गालौच सुनकर अपने आप को शर्मसार हेाता हुआ महसूस करते है। घाट पर शराब की बोतलें , प्लास्टिक गिलास ,सिगरेट का कवर , पाउच और अन्य कचरा वहीं छोड़कर चले जाते हैं । इससे न केवल क्षेत्र की स्वच्छता प्रभावित होती है बल्कि पर्यावरण और धार्मिक महत्व वाले स्थलों की छवि भी धूमिल हो रही है ।
सर्किट घाट पर लाईट पूर्ण व्यवस्था नही होने से यहाॅ मजनू गुजरो की आड मैं बैटे रहेते है तथा नशेडी खुलेआम नशेडी अपना शौक फरमाते हैं लेकिन प्रशासन के किसी अधिकारी को जरा भी तनिक ईधर ध्यान देनी की फुर्सत नही है। बड़ी बड़ी कार्यवाही करते है मगर घाओ पर अवैध नशा और शराब घोरी पर कब लगेगा अंकुष घाट पर स्थिति गंभीर बनी है।
नागरिकों का आरोप है किए स्ट्रीट लाइट पोल एवं प्रकाश उपकरणों बल्ब और लाइटें ना होने से अंधेरा फेला रहा है। यही अंधेरा नशाखोरी और अन्य अवांछित गतिविधियों खुले आम हो रही है। लोगो का कहना है कि नर्मदा तट जैसे संवेदनशील धार्मिक क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त , सीसीटीवी निगरानी एवं प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ अत्यंत आवश्यक है । साथ ही अवैध शराब की बिक्री और नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई कर ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाने चाहिए ।
श्रद्धालुओं और नागरिकों ने भी प्रशासन से मांग की है कि मां नर्मदा की पावन नगरी की गरिमा, स्वच्छता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए त्वरित एवं ठोस कार्रवाई की जाए ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस तीर्थ की पवित्र पहचान अक्षुण्ण बनी रहे घाटो पर महिलाएॅँ