सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य हो नागद्वारी मेला: कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा
पचमढ़ी में 08 अगस्त से प्रारंभ होगी मध्य प्रदेश के अमरनाथ कही जाने वाली नागद्वारी यात्रा
मेले में सभी व्यवस्थाओं के संबंध में कलेक्टर ने पचमढ़ी में ली अधिकारियों की बैठक
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने मेले में परिवहन, सुरक्षा व चिकित्सा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
नर्मदापुरम/15,जुलाई,2026/ प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी में नागद्वारी मेले का 08 अगस्त से 17 अगस्त तक आयोजन किया जाएगा। मेले के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर बुधवार को कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने संजय गांधी संस्थान, पचमढ़ी में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री साई कृष्ण एस थोटा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हिमांशु जैन, एसडीएम श्री आकिप खान, उपसंचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व ऋषभा नेताम, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, सड़क, बिजली, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री मिश्रा ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय-सीमा में सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।
नागद्वारी मेले के लिए स्थापित करें कंट्रोल रूम
कलेक्टर श्री मिश्रा ने एसडीएम पिपरिया को निर्देशित किया कि नागद्वारी मेले के लिए पृथक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने विभिन्न प्रमुख स्थानों पर वाहन किराया दर सूची एवं कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबरों के फ्लेक्स बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए, जिससे श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।
कलेक्टर ने दिए मेला मार्ग की मरम्मत एवं सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
कलेक्टर श्री मिश्रा ने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि नागद्वारी ट्रेक मार्ग का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य प्राथमिकता से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने मेला मार्ग पर लोहे के पुल, सीढ़ियां, रैलिंग एवं क्षतिग्रस्त सड़कों के रेस्टोरेशन का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त संख्या में रेडियम युक्त सांकेतिक बोर्ड लगाने तथा पूर्व से स्थापित बोर्डों की मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने एमपीआरडीसी को निर्देशित किया कि पचमढ़ी आने-जाने वाले मार्ग एवं मेला पहुंच मार्ग पर आवश्यक अमला तैनात रखा जाए। मार्ग क्षतिग्रस्त होने अथवा भूस्खलन जैसी स्थिति बनने पर तत्काल मरम्मत की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पचमढ़ी के प्रमुख स्थानों पर क्रेन की उपलब्धता बनाए रखने तथा मार्ग पर किसी भी प्रकार का अवरोध उत्पन्न होने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
मेला अवधि में वन्यजीव सुरक्षा एवं सड़क सुरक्षा पर पर भी रखा जाए ध्यान
कलेक्टर श्री मिश्रा ने वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर वन्य प्राणियों के क्रॉसिंग पॉइंट्स एवं मुख्य मोड़ों से पहले स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रमुख मोड़ों पर रोड मिरर लगाने तथा पूर्व से स्थापित मिररों का नियमित निरीक्षण एवं आवश्यक मरम्मत सुनिश्चित करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि नागद्वारी मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सभी विभाग पूरी गंभीरता और समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
नियमित रूप से पेयजल सप्लाई की हो जांच, श्रद्धालुओं के लिए निरंतर पेयजल आपूर्ति हो
कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया है कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पचमढ़ी नगर के विभिन्न स्थानों के साथ-साथ नागद्वारी पहुंच मार्ग पर चिन्हित स्थलों पर भी पर्याप्त पेयजल व्यवस्था की जाए। साथ ही पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जल स्रोतों के नियमित क्लोरीनेशन एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नियमित रूप से पेयजल की सैंपलिंग और उनकी जांच की जाए।
श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध रहें
कलेक्टर श्री मिश्रा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को निर्देश दिए हैं कि नागद्वारी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए विभिन्न स्थानों पर चिकित्सा शिविर स्थापित किए जाएं। प्रत्येक चिकित्सा शिविर में प्रशिक्षित मेडिकल टीम की तैनाती की जाए तथा रोटेशन के आधार पर चिकित्सकीय दलों की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए, ताकि पूरे मेले के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं सतत उपलब्ध रहें।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि मेला क्षेत्र में दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर वहां विशेष चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस तैनात रखी जाएं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को शीघ्रता से पचमढ़ी स्थित बेस अस्पताल अथवा अन्य निकटवर्ती अस्पतालों तक पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि एंबुलेंस चलित अवस्था में हो एवं अप टू डेट स्थिति में हो। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि मेले के दौरान वन क्षेत्र में स्नेक बाइट की घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए पर्याप्त मात्रा में एंटी वेनम किट तथा उन्हें प्रशासित करने के लिए प्रशिक्षित व्यक्ति भी तैनात किया जाए।
खाद्य सामग्रियों की सतत जांच होती रहें
कलेक्टर श्री मिश्रा ने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेले में संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों एवं खाद्य सामग्रियों की नियमित जांच की जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में फूड प्वाइजनिंग जैसी घटनाएं सामने न आएं। इसके लिए खाद्य गुणवत्ता की सतत निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मेला अवधि में ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए भोजन की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। विशेष रूप से जलगली, चिंतामणि, काजरी सहित प्रमुख स्थलों पर तैनात स्टाफ के लिए समय पर भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
सफाई व्यवस्था पर विशेष निगरानी के निर्देश
कलेक्टर श्री मिश्रा ने साडा एवं नगर पालिका के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पचमढ़ी एवं संपूर्ण मेला क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था निरंतर बनाए रखी जाए। उन्होंने कहा कि नियमित मॉनिटरिंग के लिए अलग-अलग टीमों का गठन कर उनकी ड्यूटी लगाई जाए, ताकि पूरे मेले के दौरान सफाई व्यवस्था प्रभावी बनी रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि दुकानों, पार्किंग स्थलों, सार्वजनिक शौचालयों एवं अन्य प्रमुख स्थानों के आसपास नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाए, जिससे स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित हो सके।
बिजली, रोशनी और मोबाइल टॉयलेट की रहे पर्याप्त व्यवस्था
कलेक्टर ने मेला क्षेत्र में पर्याप्त बिजली एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को रात्रिकालीन आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने मेला समिति को निर्देशित किया कि अस्थायी मोबाइल टॉयलेट को मेला क्षेत्र के आवश्यक स्थानों पर स्थापित किए जाएं, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। कलेक्टर ने विद्युत विभाग को निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति प्रदान करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने विशेष रूप से यह निर्देश दिए हैं की संपूर्ण मेला क्षेत्र में लाइट सप्लाई हेतु किए गए कनेक्शन के ज्वाइंट्स को सुनियोजित तरीके से बंद करना पुख्ता किया जाए जिससे करंट लगने की किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटित न हो।
पार्किंग एवं यातायात व्यवस्था का हो निर्बाध रूप से संचालन
कलेक्टर श्री मिश्रा ने ट्रैफिक एवं पार्किंग व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र में पर्याप्त पार्किंग के साथ रिजर्व पार्किंग की व्यवस्था भी की जाए। इसके लिए एसडीएम पिपरिया को परिवहन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर उपयुक्त स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था ऐसी हो कि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने निर्देशित किया कि पचमढ़ी आने वाले बस वाहनों को परिवहन विभाग द्वारा नियमानुसार परमिट जारी किए जाएं। परिवहन एवं पुलिस विभाग आपसी समन्वय से प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक बस की मार्किंग की जाए। साथ ही वाहनों की सुरक्षा जांच के लिए व्यवस्थित चेक पोस्ट स्थापित कर सभी सुरक्षा मानकों के अनुरूप बसों एवं अन्य वाहनों की जांच सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने मेले के दौरान यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए बड़े बस वाहनों के प्रवेश पर आवश्यक प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि एसडीएम पिपरिया सभी विभागों के लिए ड्यूटी आदेश जारी करें। उन्होंने कहा कि बस एवं टैक्सी परमिट एसडीएम कार्यालय पिपरिया से जारी किए जाएं तथा आरटीओ कार्यालय से भी कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाए।
अन्य निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने आबकारी विभाग को निर्देशित किया कि मेला अवधि के दौरान क्षेत्र में अवैध शराब एवं मादक पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित की जाए। साथ ही नागद्वारी पहुंच मार्ग पर शराब एवं मादक पदार्थों का उपयोग और बिक्री प्रतिबंधित रहे, इसकी सतत निगरानी की जाए।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने नागद्वारी पहुंच मार्ग पर अग्निशामक यंत्र एवं फायर ब्रिगेड की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मेला मार्ग के विभिन्न स्थानों पर पर्याप्त संख्या में डस्टबिन स्थापित करने तथा प्रभावी कचरा प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। कलेक्टर श्री मिश्रा ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि नागद्वारी मेले से संबंधित ट्रैफिक, सुरक्षा, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं 30 जुलाई तक पूर्ण कर ली जाएं।
बैठक के पश्चात कलेक्टर ने मेला मंडल के सदस्यों से भी मेला आयोजन के संबंध में विस्तार से चर्चा की एवं उनके सुझाव प्राप्त किए। प्राप्त सुझावों के आधार पर कलेक्टर ने मंडलों की मांग पर 04 अगस्त से मेला स्थल पर सामग्री ले जाने की अनुमति दी। इसके साथ ही मेला समाप्ति के पश्चात दो दिनों तक सामग्री वापस करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि मेले में प्लास्टिक के उपयोग को किसी भी प्रकार से प्रोत्साहित न किया जाए। कलेक्टर ने कहा की मेले के दौरान हम यह सुनिश्चित करें कि भक्ति और आस्था के साथ-साथ हम प्राकृतिक संपदा को भी किसी भी प्रकार का नुकसान ना पहुंचाएं।
उन्होंने समस्त मंडलों के सदस्यों से मेला अवधि के दौरान आवश्यक सफाई व्यवस्था बनाए रखने की बात कही। उन्होंने कहा है कि जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है कि लोगों को इस आस्था के प्रतीक नागद्वारी मेले में यथासंभव व्यवस्थाएं मुहैया कराई जा सके। नागद्वारी क्षेत्र एक संवेदनशील क्षेत्र है वहां पर हमें प्रकृति एवं अन्य वन्य प्राणियों की सुरक्षा का भी ख्याल रखना होगा। जिसके लिए सभी समन्वय बनाकर मेले को सुरक्षित एवं सफल बनाएं।