संदीपनी विद्यालयों का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए,
पूर्णता प्रमाण पत्र से पूर्व एसडीएम की अध्यक्षता में गठित समिति निरीक्षण करें : कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा
शैक्षणिक सत्र 2026-27 में बेहतरीन हो परीक्षा परिणाम,
शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम के लिए तैयार की जाए विशेष कार्य योजना
विद्यार्थियों में अनुशासन एवं स्वच्छता की भावना को जागृत करें
कलेक्टर की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित
नर्मदापुरम/20,अगस्त,2026/ शि
उन्होंने विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं, निर्माण कार्यों तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर ने ईई पीआईयू को निर्देशित किया कि जो सांदीपनि विद्यालय हैंडओवर किए जाने की स्थिति में हैं, वहां संबंधित प्राचार्यों द्वारा बताई गई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बैठक में निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण नहीं होने पर संबंधित साइट इंजीनियर एवं पीआईयू के अन्य अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। सांदीपनि विद्यालय पिपरिया के प्राचार्य द्वारा बताई गई समस्याओं के संबंध में तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि संबंधित निर्माण विभाग से एक सप्ताह के भीतर किए गए कार्य एवं शेष कार्यों के कारणों की स्पष्ट एवं तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त की जाए।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने सांदीपनि विद्यालय पिपरिया का एसडीएम पिपरिया के साथ संयुक्त रूप से निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों से संबंधित निर्माण एवं अन्य कार्यों में गुणवत्ता के साथ समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने निर्देश दिए हैं कि जिले में सांदीपनि विद्यालयों के हैंडओवर से पूर्व संबंधित अनुविभाग के एसडीएम की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाए। यह समिति विद्यालय भवन एवं परिसर का संपूर्ण परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके बाद ही विद्यालय का हैंडओवर प्राप्त किया जाएगा। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि समिति में संबंधित एसडीएम के साथ पीडब्ल्यूडी, पीआईयू, संबंधित विद्यालय के प्राचार्य, जिला शिक्षा अधिकारी एवं डीपीसी को शामिल किया जाए। समिति द्वारा विद्यालय भवन के निर्माण कार्य, उपलब्ध सुविधाओं, गुणवत्ता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने संबंधित सांदीपनि विद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित किया कि हैंडओवर के समय निर्माण विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे मेंटेनेंस एवं अन्य कार्यों का विस्तार से परीक्षण करें। विद्यालय की सभी आवश्यक व्यवस्थाओं एवं निर्माण कार्यों का संतोषजनक परीक्षण करने के बाद ही हैंडओवर प्राप्त किया जाए।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने निर्माण विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बैठक में निर्धारित की गई समय-सीमा के अनुरूप संबंधित सांदीपनि विद्यालयों के भवन निर्माण कार्यों को हर स्थिति में पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों के भवन विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किए जा रहे हैं। इसलिए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समय-सीमा एवं आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा ने जिले के सांदीपनि विद्यालयों, पीएम श्री विद्यालयों एवं मॉडल स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए अधिकारियों एवं प्राचार्यों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी परीक्षाओं में प्रयास किया जाए कि सांदीपनि विद्यालयों का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहे और सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हों। प्रत्येक सांदीपनि विद्यालय से कम से कम एक विद्यार्थी प्रदेश की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करे, इसके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए।
कलेक्टर ने कहा कि जिले के समग्र परीक्षा परिणाम को बेहतर से बेहतरीन में बदले। पीएम श्री विद्यालयों एवं मॉडल स्कूलों में भी शत-प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हों, इसके लिए प्राचार्य एवं शिक्षक विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर लगातार नजर रखें और कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रयास करें।
विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा के साथ अनुशासन और स्वच्छता की सीख दें
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों का निर्माण एवं संचालन विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। सभी शिक्षक विद्यार्थियों में अनुशासन एवं स्वच्छता की भावना विकसित करें। उन्होंने विद्यालयों में नियमित रूप से पेरेंट्स-टीचर मीटिंग आयोजित करने के निर्देश दिए, जिसमें विद्यार्थियों के माता-पिता से उनके बच्चों की पढ़ाई एवं प्रगति के संबंध में चर्चा की जाए।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति जागरूक करने के लिए प्रत्येक विद्यालय विशेष कार्ययोजना तैयार करे। गत दो वर्षों में खराब परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों के संबंधित प्राचार्यों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए।
मॉडल स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करें
कलेक्टर ने जिले के मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ाने के लिए सभी प्राचार्यों को विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में उपलब्ध बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं एवं संसाधनों की जानकारी विद्यार्थियों और अभिभावकों तक पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इन विद्यालयों में प्रवेश लेकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ उठा सकें।
"शिक्षकों के पास बच्चों के भविष्य की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी"
कलेक्टर श्री मिश्रा ने शिक्षकों से कहा कि आप सभी शिक्षक हैं और आपको अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए। शिक्षकों के पास बच्चों के भविष्य को गढ़ने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इसलिए शिक्षक स्वयं भी मेहनत करें और प्रयास करें कि उनके विद्यालय में अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी के परीक्षा परिणाम को बेहतर से बेहतरीन बनाया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए शिक्षा ही प्रथम सोपान है और इसे मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है।
छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी लें
कलेक्टर ने महिला शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे विद्यालय की छात्राओं से समय-समय पर संवाद करें और उनकी परेशानियों एवं समस्याओं की जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने छात्राओं को गुड टच एवं बैड टच के संबंध में जागरूक करने के भी निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थी अपने प्रति होने वाले अनुचित व्यवहार को समझ सकें और आवश्यकता पड़ने पर उचित कदम उठा सकें।
बस चालकों के साथ माह में दो बार बैठक के निर्देश
कलेक्टर ने सांदीपनि विद्यालयों के सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया कि विद्यालय के अंतर्गत संचालित बसों के ड्राइवरों के साथ माह में कम से कम दो बार बैठक आयोजित की जाए। बैठक में बस संचालन, विद्यार्थियों की सुरक्षा, समयबद्धता एवं ड्राइवरों की जिम्मेदारियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं। उन्होंने बस चालकों को उनके दायित्वों के प्रति कार्योन्मुख करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, स्वच्छता, सुरक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की जिम्मेदारी भी विद्यालय एवं शिक्षकों की है। सभी शिक्षक समन्वित प्रयास करते हुए जिले को बेहतर शैक्षणिक परिणाम की दिशा में आगे बढ़ाएं।
बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री हिमांशु जैन, समिति सदस्य श्री राहुल सोलंकी, डीईओ श्री एल.एन. प्रजापति सहित अन्य प्राचार्यगण उपस्थित रहे।