अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था के बीच सड़क पर उतरे न्यायाधीशगण मौके पर ही दी समझाईश और की कार्यवाही
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती तृप्ति शर्मा के निर्देशन में विभिन्न स्थानों पर लगी मोबाईल कोर्ट
नर्मदापुरम/08,सितम्बर,2026/ मं
इस पहल के अंतर्गत नर्मदापुरम जिला मुख्यालय तथा इटारसी, सोहागपुर, सिवनीमालवा, एवं पिपरिया सहित विभिन्न तहसील क्षेत्रों में न्यायिक मजिस्ट्रेटगण द्वारा मौके पर पहुंचकर मोबाईल कोर्ट का संचालन किया गया। न्यायिक अधिकारीगण सड़कों पर पहुंचे और अलग-अलग स्थानों पर बैठकर अव्यवस्थित यातायात के बीच आमजन से सीधे संवाद करते हुए उन्हें यातायात नियमों के पालन के लिए समझाईश दी गई। नियमों के उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों को उनकी गलती से अवगत कराते हुए आवश्यकतानुसार चेतावनी दी गई तथा विधि के प्रावधानों के अनुसार अर्थदण्ड की कार्यवाही की गइ।
मोबाईल कोर्ट के दौरान न्यायिक अधिकारियों में आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान अथवा दण्ड से बचने के लिए नहीं बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन एवं सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए किया जाता है। इस दौरान हेल्मेट का उपयोग, वाहन चलाते समय आवश्यक दस्तावेज साथ रखना, यातायात संकेतों एवं नियमों का पालन करना, निर्धारित गति में वाहन चलाना तथा सड़क पर अनुशासन बनाये रखने के संबंध में नागरिकों को जागरूक किया गया।
मोबाईल कोर्ट के दौरान श्री फिरोज अख्तर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा श्रीमती मधुबाला सोलंकी, श्रीमती दिव्या मित्तल, श्रीमती श्रीति अतुलकर, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सहित अन्य तहसील न्यायालयों के मजिस्ट्रेट द्वारा कुल 164 मामलों का निराकरण करते हुऐ 99,300 रूपये का अर्थदण्ड अधिरोपित कर दण्ड के साथ जागरूकता और कानून के साथ जनसंवाद का प्रभावी संदेश दिया गया।
स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस चलित न्यायालय में न्यायिक अधिकारियों न्यायालयीन स्टॉफ, पुलिस एवं प्रशासन के समन्वित प्रयासों से प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की गई।