Type Here to Get Search Results !

पिपरिया के आयुष घुरका की पहल ने बदली ऑनलाइन शिक्षा की तस्वीर, अब 5+ देशों के छात्र भारतीय शिक्षकों से ले रहे 1-ऑन-1 लाइव क्लास



नर्मदापुरम 24/11/2025  (छगन कुशवाहा पिपरिया) नर्मदापुरम् पिपरिया,
छोटे शहर पिपरिया से निकले आयुष अजय घुरका ने वैश्विक ऑनलाइन शिक्षा जगत में बड़ी पहचान बना ली है। कोविड के बाद डिजिटल शिक्षा में आए बूम को समझते हुए आयुष ने वर्ष 2022 में “Tutor-ology (ट्यूटर-ओलॉजी)” नाम से ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। आज यह प्लेटफॉर्म अमेरिका, यूके, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर सहित कई देशों के छात्रों को भारतीय शिक्षकों से लाइव 1-on-1 ऑनलाइन सत्र उपलब्ध करवा रहा है।

---इंजीनियरिंग छात्र से ग्लोबल EdTech उद्यमी बनने तक का सफर
एसजीएसआईटीएस इंदौर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान आयुष ने महसूस किया कि कई छात्रों को विषयों की मूलभूत समझ नहीं मिल पाती। उन्होंने पहले ऑफलाइन ट्यूशन, फिर ऑनलाइन क्लास और शैक्षणिक वीडियो बनाकर बच्चों की मदद शुरू की।
उनके यूट्यूब पर अपलोड किए गए मुफ्त गणितीय वीडियो हजारों छात्रों तक पहुँचे। इसी अनुभव ने आगे चलकर ट्यूटर-ओलॉजी की नींव रखी।
---विदेशों में क्यों बढ़ी भारतीय शिक्षकों की मांग?
अमेरिका और यूरोप सहित कई देशों में भारतीय शिक्षकों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। इसके पीछे कारण हैं—
• कॉन्सेप्ट को सरल भाषा में समझाने की क्षमता
• विषय की गहराई और तार्किक शिक्षण
• धैर्य और सुधारमुखी दृष्टिकोण
• व्यक्तिगत ध्यान और चरणबद्ध पढ़ाई
इन्हीं खूबियों को संरचित स्वरूप में देने का प्रयास है ट्यूटर-ओलॉजी। यहाँ छात्र अपनी गति और जरूरत के अनुसार व्यक्तिगत सत्र ले पाते हैं।
---1-on-1 मॉडल क्यों हो रहा है लोकप्रिय?
कोविड के बाद वैश्विक स्तर पर ऑनलाइन ट्यूटोरिंग की मांग तेज़ी से बढ़ी है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि एक-से-एक सत्र छात्रों की सीखने की क्षमता को कई गुना बढ़ा देते हैं।
ट्यूटर-ओलॉजी का मॉडल इसी सोच पर आधारित है—जहाँ लाइव इंटरैक्शन, स्क्रीन-शेयरिंग, डिजिटल टूल्स और व्यक्तिगत गाइडेंस के साथ बच्चों को पढ़ाया जाता है।
---40+ भारतीय शिक्षक, 13 सदस्यीय टीम और 1,000+ अंतरराष्ट्रीय छात्र
प्लेटफॉर्म से अब 40 से अधिक भारतीय शिक्षक जुड़े हैं, जो घर से पढ़ाते हुए स्थिर आय और बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस पा रहे हैं।
इस यात्रा में पिपरिया, होशंगाबाद, इंदौर, जबलपुर जैसे छोटे शहरों से कई शिक्षक भी शामिल हुए हैं। प्लेटफॉर्म पर 13 सदस्यों की संचालन टीम और 1,000+ अंतरराष्ट्रीय छात्र जुड़े हैं।
---बिना फंडिंग शुरू हुआ स्टार्टअप, आज बन गया ग्लोबल प्लेटफॉर्म
ट्यूटर-ओलॉजी पूरी तरह बूटस्ट्रैप्ड है—न कोई निवेश, न फंडिंग। सीमित संसाधनों से शुरू किए गए इस स्टार्टअप ने आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय शिक्षकों को एक पहचान दिलाई है।
---युवाओं के लिए प्रेरणा: कैंपस में बुलाए जाते हैं आयुष
ऑनलाइन शिक्षा और स्टार्टअप जगत में अनुभव के कारण आयुष को एसजीएसआईटीएस इंदौर समेत कई संस्थानों में युवाओं को मार्गदर्शन देने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
यहाँ वे छात्रों को करियर, स्टार्टअप चुनौतियों और ऑनलाइन शिक्षा की बदलती जरूरतों पर अपनी बातें साझा करते हैं।
---पिपरिया से वैश्विक मंच तक की बड़ी छलांग
आयुष घुरका की कहानी यह साबित करती है कि आज छोटे शहरों के युवा भी वैश्विक शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
उनका प्रयास दिखाता है—
“ज्ञान और नवाचार किसी शहर की सीमा में बंधे नहीं होते।”
पिपरिया से शुरू हुई यह पहल आज दुनिया के कई देशों में भारतीय शिक्षण शैली की गहराई और सरलता पहुँचा रही है।
---ट्यूटर-ओलॉजी क्या है?
K-12 और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए लाइव 1-on-1 शिक्षा, भाषा कक्षाएँ और कौशल आधारित गतिविधियाँ उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म।
प्रमाणित भारतीय शिक्षक विभिन्न देशों के छात्रों को व्यक्तिगत सत्र में पढ़ाते हैं।
वेबसाइट: tutor-ology.com

---क्या कहते हैं आयुष?

“ट्यूटर-ओलॉजी मेरे लिए सिर्फ एक स्टार्टअप नहीं, बल्कि सीखने-सिखाने की एक संस्कृति है—जहाँ शिक्षक और छात्र दोनों अपनी गति से आगे बढ़ सकें।”

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.