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| पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, |
24 से 26 नवंबर तक भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यशाला और वाटरशेड महोत्सव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे शुभारंभ, 2000 से अधिक जनप्रतिनिधि-अधिकारी होंगे शामिल
भोपाल 22/11/2025 (दयाराम कुशवाहा ) भोपालप्रदेश की पंचायतों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के उद्देश्य से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला और वाटरशेड महोत्सव का आयोजन 24 से 26 नवंबर तक कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसके शुभारंभ सत्र में उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, श्री जगदीश देवड़ा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, नगरीय विकास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, विषय-विशेषज्ञ और अधिकारी शामिल होंगे।
--“आत्मनिर्भर पंचायत—समृद्ध मध्यप्रदेश’’ पर केंद्रित रहेगा आयोजन
संचालक सह आयुक्त पंचायत राज श्री छोटे सिंह ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पंचायतों को प्रशासनिक और वित्तीय रूप से सक्षम बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति तैयार करना है।
त्रि-स्तरीय पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। तीन दिनों तक स्वनिधि से समृद्धि अभियान, वाटरशेड प्रबंधन, शुद्ध पेयजल उपलब्धता, स्वच्छ ग्राम, प्रधानमंत्री आवास योजना, जनमन योजना, ग्राम सड़क योजना, पीएम पोषण, पेसा ग्राम सभा और पंचायत शासन की पारदर्शिता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।
---जल गंगा संवर्धन में उत्कृष्ट जिलों को सम्मान
कार्यशाला में जल गंगा संवर्धन अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों और अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा।
सर्वश्रेष्ठ जिले: खंडवा प्रथम, रायसेन द्वितीय, बालाघाट तृतीय
खेत तालाब निर्माण (जिला स्तर)
श्रेणी A: अनूपपुर
श्रेणी B: बालाघाट
खेत तालाब निर्माण (जनपद स्तर)
श्रेणी A: बिरसा (बालाघाट)
श्रेणी B: पुष्पराजगढ़ (अनूपपुर)
राज्य स्तर पर मनरेगा परिषद और जलग्रहण प्रबंधन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी भी सम्मानित होंगे, जिनमें श्री विवेक दवे, सुश्री शिल्पी अधोलिया, श्री ओबेस अहमद, श्री सोमन सिंह डाबर, श्रीमती आकांक्षा सिंह, श्री पियूष प्रताप सिंह, श्री सुमेंद्र पुनिया, श्री राजेंद्र स्वामी, सुश्री नुपुन नवानी सहित कई अधिकारी शामिल हैं।
पैनल डिस्कशन और तकनीकी सत्र होंगे मुख्य आकर्षण
कार्यशाला में उच्च स्तरीय पैनल डिस्कशन में मंत्री, अपर मुख्य सचिव और विशेषज्ञ शामिल होंगे।
प्रत्येक दिन तकनीकी सत्रों में—
केस स्टडी
फील्ड आधारित उदाहरण
समूह गतिविधियाँ
अनुभव साझा सत्र
के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
2000 से अधिक प्रतिभागी होंगे शामिल
राज्य की सभी जिलों और जनपदों से जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सीईओ, जनपद पंचायत, सरपंच और राज्य स्तरीय अधिकारी कुल मिलाकर 2000 से अधिक प्रतिभागी तीन दिवसीय मंथन का हिस्सा बनेंगे।
