नर्मदापुरम 30/11/2025 (छगन कुशवाहा पिपरिया) पिपरिया में आयोजित सत्संग कार्यक्रम में पूज्यपाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने प्रवचनों में कहा कि पीपल वृक्ष का सीधा संबंध भगवान से माना गया है। “जिस गांव के नाम में यह संदेश छिपा है कि हमारा नाता पीपल से है, वहाँ देवता भी रहते हैं और दिव्य ऊर्जा भी,” उन्होंने कहा।
स्वामी जी ने आगे कहा कि पिपरिया केवल एक नाम नहीं, यह एक आध्यात्मिक पहचान है। “यहाँ बहने वाली माता नर्मदा अपने हर कंकर में शंकर का स्वरूप समेटे हुए है। ऐसे पवित्र प्रदेश के लोग ईश्वर से कम नहीं, और यहाँ की माताएँ देवी लक्ष्मी से कम नहीं होतीं,” उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा।
प्रवचन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। स्वामी जी के इन विचारों ने उपस्थित जनसमूह में आध्यात्मिकता और गर्व का भाव जगाया।
कार्यक्रम के अंत में भक्तों ने सामूहिक प्रार्थना कर पिपरिया की उन्नति और शांति की कामना की।
