झोतेश्वर–गोटेगांव की धर्मसभा में गूंजा संकल्प
झोतेश्वर/गोटेगांव।
भोपाल 3/12/2025 (दयाराम कुशवाहा ) नर्मदा तट स्थित सिद्धपीठ झोतेश्वर धाम में रविवार को आयोजित विशाल धर्मसभा में परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य अवीमुक्तानंद सरस्वती जी महाराज ने गौ माता को “राष्ट्र माता” का दर्जा देने का प्रबल आह्वान किया। मंच से उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति, परंपरा, कृषि, आयुर्वेद और पर्यावरण—सबकी आत्मा गौ माता में बसती है।
इसलिए अब समय आ गया है कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक विषय न रहकर राष्ट्रीय नीति का हिस्सा बने।
महाराजश्री बोले—“गौ माता के बिना भारत की संस्कृति अधूरी”
शंकराचार्य जी ने कहा—
“गौ माता को राष्ट्र सम्मान का प्रतीक बनाया जाए।”
“गौवंश संरक्षण को सरकारी नीति और राष्ट्रीय कर्तव्य का दर्जा मिलना चाहिए।”
“गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने, गो-आधारित खेती और पंचगव्य औषधियों के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।”
“देशभर के संत, किसान, युवजन और गौभक्त एकजुट हों—यह राष्ट्र जागरण का समय है।”
धर्मसभा में उमड़ा जनसागर
झोतेश्वर धाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। नर्मदा किनारे पूरा परिसर भक्ति और संकल्प की ऊर्जा से गूंजता रहा।
सभा के दौरान लगातार नारे लगते रहे—
“गाय हमारी माता है, राष्ट्र की धरोहर है”,
“गौ रक्षा—राष्ट्र रक्षा”।
संत-महात्मा, ग्रामीण जन, किसान और बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। आयोजन समिति ने बताया कि यह अभियान आने वाले दिनों में प्रदेश भर में जनजागरण के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
