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तेंदुए से डटकर भिड़ने वाले वीर बालक सत्यम का सम्मान, अमृत सेवा समिति ने दिया ₹5001 का वीरता पुरस्कार

घटना स्थल से ली गई फोटू सत्यम की

तेंदुए से डटकर भिड़ने वाले वीर बालक सत्यम का सम्मान, अमृत सेवा समिति ने दिया ₹5001 का वीरता पुरस्कार

  घटना स्थल से ली गई तस्वीरें

नर्मदापुरम् पिपरिया 11/5/2026 

( छगन कुशवाहा ) पिपरिया,पिपरिया/कुर्सी खापा। साहस उम्र का मोहताज नहीं होता, यह साबित कर दिखाया ग्राम कुर्सी खापा के वीर बालक सत्यम ने। तेंदुए के अचानक हुए हमले के दौरान जहां बड़े-बड़े लोग घबरा जाएं, वहीं नन्हे सत्यम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए न केवल अपनी जान बचाई, बल्कि तेंदुए को भी पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। बालक की इस वीरता की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।


रविवार 10 मई को सत्यम अपने खेत पर बने मकान में अकेला खेल रहा था। इसी दौरान अचानक एक तेंदुआ वहां पहुंच गया और उसने सत्यम पर हमला कर दिया। विपरीत परिस्थितियों में भी सत्यम ने हिम्मत नहीं हारी और साहसपूर्वक तेंदुए की गर्दन पकड़ ली। काफी देर तक संघर्ष चलता रहा, जिसके बाद तेंदुआ वहां से भाग निकला। सत्यम की सूझबूझ और बहादुरी ने उसकी जान बचा ली।

बालक के इस साहसिक कार्य से प्रभावित होकर मानव सेवा के लिए समर्पित अमृत सेवा समिति के पदाधिकारी ग्राम कुर्सी खापा स्थित उसके निवास पहुंचे। समिति द्वारा वीर बालक सत्यम एवं उसके पिता महेश का सम्मान करते हुए ₹5001 की सम्मान राशि प्रदान की गई। समिति के सदस्यों ने कहा कि इतनी कम उम्र में सत्यम द्वारा दिखाई गई बहादुरी समाज के लिए प्रेरणादायक है और ऐसे बच्चों को निरंतर प्रोत्साहन मिलना चाहिए।

इस अवसर पर अमृत सेवा समिति के सुखदेव सिंह कालोटी, मनोज नागोत्रा, कैलाश बाथरे, मनोज सिलावट, प्रदीप बेलवंशी, सुजीत पटवा, शकील नियाजी, छगन कुशवाहा सहित पूर्व सैनिक एवं संकल्प फाउंडेशन के पदाधिकारी केशर सिंह चौधरी, बलराम पाटर, निरंजन वैष्णव आदि उपस्थित रहे।

गांववासियों ने अमृत सेवा समिति के सेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वीर बालक का सम्मान पूरे गांव के लिए गौरव का विषय है। समिति के सदस्यों ने सत्यम के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसे साहसी बच्चे समाज की प्रेरणा बनते हैं।

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