मुफ्त डायलिसिस से बदली जिंदगी, सरकार की आयुष्मान योजना से मरीजों के लिए उम्मीद की किरण,दयाल अस्पताल में हो रहे रोजाना 8 से 10 डायलिसिस सेशन अब तक कर चुके 10 हजार से ज्यादा डायलिसिस
भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना किडनी के मरीजों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। इस योजना के तहत इटारसी के दयाल अस्पताल में अब तक लगभग दस हजार मुफ्त डायलिसिस सत्र पूरे किए जा चुके हैं, सरकार का मकसद है कि कोई भी मरीज पैसों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे।ओर दयाल अस्पताल ने ये बीड़ा उठाया है। रोजाना लगभग 8 से 10 मरीजों का डायलिसिस सत्र पूरा किया जाता है। ओर 2017 से शुरू हुई यह यूनिक अब तक 10 हजार 300 सत्र पूरे कर चुकी हैं मुफ्त डायलिसिस सुविधा दयाल अस्पताल द्वारा दिए जाने के कारण गरीब ओर मध्यम वर्ग के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है।
दयाल अस्पताल में डायलिसिस कराने आए एक मरीज ने बताया कि वे लंबे समय से डायलिसिस करवा रहे हैं। पहले उन्हें होशंगाबाद ओर भोपाल जाकर डायलिसिस करवाना पड़ता था ओर उसका खर्च भी बहुत आता था पहले इस इलाज का खर्च उठाना मुश्किल था,लेकिन अब आयुष्मान भारत योजना के चलते दयाल अस्पताल की मदद से उन्हें मुफ्त इलाज के साथ डायलिसिस की सुविधा भी मिल रही है। इससे उन्हें काफी राहत मिली है और वे बिना रुके और पैसे की चिंता किए अपना इलाज जारी रख पा रहे हैं।
तेजी से बढ़ रही क्रॉनिक किडनी डिजीज -
इटारसी दयाल अस्पताल के संचालक डॉ अचलेश्वर दयाल द्वारा बताया गया कि भारत में क्रॉनिक किडनी डिजीज के मामलों में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। यह बीमारी अक्सर डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं से जुड़ी होती है। कई बार देरी से इसके लक्षण सामने आते हैं, जिससे मरीज गंभीर हालत में ही अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में उन्हें नियमित डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ती है।
क्या होता है डायलिसिस -
डायलिसिस एक ऐसी प्रक्रिया होती है, जिसमें शरीर से खून निकालकर मशीन से साफ किया जाता है और फिर वापस शरीर में डाला जाता है। यह किडनी के काम को कुछ हद तक पूरा करता है, लेकिन यह कोई स्थायी इलाज नहीं है। इसके लिए मरीजों को हफ्ते में 2-3 बार या हर बार करीब 4 घंटे तक यह प्रक्रिया करानी पड़ती है।
