संभावित बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्य के लिए रिस्पांस टीम अलर्ट मोड पर रहे - संभाग आयुक्त श्री श्रीकांत बनोठ
बाढ़ एवं बारिश के पूर्व सभी पूल पुलिया एवं सड़कों पर वार्निंग के संकेतक बोर्ड लगाए जाएं
चिन्हित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत के कार्य प्राथमिकता से किए जाए
बाढ़ कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहे
संभाग आयुक्त ने बाढ़ निगरानी समिति की बैठक में दिए निर्देश
नर्मदापुरम/29,मई,2026/ नर्मदा
संभाग आयुक्त ने निर्देश दिए की चिन्हित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बाजार के कार्य प्राथमिकता से किए जाएं। इन स्थानों पर आवश्यक चिकित्सा टीम दवाइयां एवं भोजन की उपलब्धता रहे। उल्लेखनीय है कि नर्मदापुरम में 18 गांव, इटारसी में 02, पिपरिया में 13, बनखेड़ी में 10, सिवनी मालवा में 10, बाबई में 32, डोलरिया में 27 एवं सोहागपुर में 32 गांव बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में है जहां व्यापक पैमाने पर तैयारीयां सुनिश्चित की जाएंगी। इसी तरह बैतूल में 25 एवं हरदा में 34 गांव बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं। संभाग आयुक्त ने निर्देश दिए की बाढ में बारिश के दौरान आम जनता को साफ एवं स्वच्छ पेयजल हर हाल में उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान यदि तवा, बरगी एवं बारना डैम से पानी छोड़ने के लिए गेट खोले जाते हैं तो पूर्व से ही इसकी सूचना सभी को दी जाए। बांध के आसपास के गांव में सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया जाए।
संभाग आयुक्त ने निर्देश दिए की सेठानी घाट एवं तवा बांध तथा अन्य संभावित स्थानों पर बनाए जाने वाले बाढ़ कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहे। कंट्रोल रूम में 24 घंटे बदल बदल के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए।
जल संसाधन विभाग की कार्यपालन यंत्री रूपांकन लक्ष्मी विश्वकर्मा ने बताया कि बाढ़ नियंत्रण के लिए तवा वृहद बांध में अधिकतम 633289 क्यूसेक पानी की निगरानी हेतु तेरह गेट लगे हैं, बाढ़ नियंत्रण के दौरान जल संसाधन विभाग द्वारा बरगी एवं बारना बाध से छोड़े गए जल के स्तर को नियंत्रित रखने का प्रयास करते हुए तवा बांध के गेट का संचालन किया जाता है। बाढ़ नियंत्रण के लिए प्रशासन एवं रिस्पांस टीम तथा विभागीय अधिकारी एक दूसरे से संपर्क में रहे इसके लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा। कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे जहां पर होमगार्ड विभाग द्वारा वायरलेस सेट भी स्थापित किया जाएगा, जिससे आसपास के थानों में संदेश भेजकर समय-समय पर जल के स्तर एवं गेट खोलने की सूचना दी जा सकेगी। मुख्य अभियंता द्वारा तवा जलाशय एवं बारना तथा बरगी बांध से छोड़े जाने वाले जल प्रभाव की सतत निगरानी की जाएगी। सेठानी घाट पर यदि नर्मदा नदी का जलस्तर 964 फीट होता है तो खतरे की स्थिति निर्मित होती है। उन्होंने बताया कि नर्मदापुरम में शहरी एवं निचली बस्तियों को बाढ़ आपदा से बचाने के लिए लेड़िया नाला पर पंपिंग कर पानी की निकासी की जाएगी।
डिविजनल कमांडेड होमगार्ड ने बताया कि बाढ से बचाव हेतु होमगार्ड के जवान सभी संभावित स्थानों पर आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात रहेंगे। तैराक दल सहित आपदा मित्र की भी तैनाती रहेगी। वर्तमान में नर्मदापुरम में 20 बैतूल में 8 और हरदा में 12 बोट है। रस्सी टॉर्च ड्रिप ड्राइवर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बताया गया की बाढ़ का प्रभाव मुख्यतः नदी किनारे बसे ग्रामों, घाटो, कृषि भूमि पर पड़ता है। नर्मदापुरम जिले में सेठानी घाट सहित कई निम्न क्षेत्र जलमग्न हो जाते हैं जिससे जनजीवन प्रभावित होता है।
संभाग आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अलर्ट मोड पर रहे और तदनुसार कार्य संपादित करें। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद रहे।
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