Type Here to Get Search Results !

अनदेखी :-दूसरे प्रदेशों व जिलों से प्रतिदिन दो हजार यात्री करते हैं सफर, गंदगी का आलम बस स्टैंड पर पानी की टंकी से टोटियां गायब, , यात्री परेशान

 बस स्टैंड शहर का मुख्य बस स्टैंड है। यहां से दूसरे प्रदेशों और जिलों कस्बों में बड़ी संख्या में यात्री बसें आती जाती हैं। जिनमें लगभग 2000 यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। यदि आप प्यासे हैं और ठंडा पानी चाहिए तो इसकी व्यवस्था यहां नहीं है। पानी की जो टंकी है उसकी टोटियां गायब हैं।


 टंकी के आसपास गंदगी बहुत है। इसीलिए यहां से पानी लेने में अधिकतर लोग हिचकते हैं। वे आसपास की दुकानों पर ही पानी पीते हैं या बाटल खरीदते हैं। बस स्टैंड पर सफर के लिए प्रतीक्षा करने वाले यात्रियों का कहना है कि यह पहला बस स्टैंड देखा है जहां लोग पीने के पानी को परेशान होते हैं।  इसी टंकी के पानी का उपयोग आसपास के दुकानदार और बसों को धोने वाले लोग भी करते हैं। जिससे यह अधिकांश समय खाली हो जाती है। लोगों का कहना है कि प्यास बुझाने के लिए शीतल व साफ जल खरीदना पड़ता है।सरकारी बस स्टैंड पर लोग पानी को परेशान हैं। यहां बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों का कहना है कि यदि प्यास बुझाना है तो दुकानों पर ही जाना पड़ता है। पानी की टंकी के आसपास जानबूझकर गंदगी फैलाई जाती है। जिससे लोग इस पानी का उपयोग पीने के लिए न कर सकें और दुकानों से पानी की बाटल बिक सके। बस स्टैंड पर भी यही हाल हैं। यहां पर यात्रियों को बैठने तक की जगह नहीं हैं। पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। जिससे लोग आसपास की होटलों से पानी लेकर अपनी प्यास बुझाते हैं। शहर के मुख्य सरकारी बस स्टैंड पर यात्री बिजली, पानी, पंखे, साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।  सुविधाओं के नाम पर यात्रियों व बस संचालकों को कुछ भी हासिल नहीं हो पा रहा है।  बसों के इंतजाम में बैठे यात्री भीषण गर्मी में परेशान होते रहते हैं। 

  • पानी की किल्लत: बस स्टैंड पर शुद्ध और मुफ्त पेयजल न मिलने के कारण बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बहुत परेशान होते हैं।
  • अव्यवस्था: कुछ जगहों पर पानी की टंकियां मरम्मत के अभाव में सालों से बेकार पड़ी हैं।
  • मजबूरी का फायदा: यात्रियों को मजबूर होकर दुकानों से बोतल बंद पानी खरीदना पड़ता है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.