रसूखदारों की जेब भर रहे अवैध कब्जा के ठेले टप,टपरे.......
सतरास्ता, नेहरू पार्क बीएस एन एल चैराहा,एसपी आफिस से लेकर आरटीओ दफ्तर तक लगभग दो किलोमीटर लंबे मार्ग पर दो हजार से ज्यादा ठेले और टपरे परेशानी का सबब बनकर रह गये हैं। हैरानी की बात तो यह है कि नगरपालिका विभाग को सब कुछ पता होने के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इसी तरह से अग्निहोत्री गार्डन, कालेज के सामने प्रेट्रोल पंप तक दुकानें सजा ली गयीं हैं। जानकारों का कहना है कि कुछ रसूखदारों के द्वारा यहां पर जगह घेरकर उसे किराये पर दे गयी है और हर महीने हजारों रुपये की कमाई की जा रही है। इन दुकानों की वजह से आये दिन हादसे भी हो रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार इन्हें हटाने या अन्य जगह स्थापित करने की दिशा में काम नहीं कर रहे हैं। फुटपाथ और टपरों की आड़ में लोग अपने वाहन भी खडा कर देते हैं।
अहाते जैसे हालात
इटारसी रोड़,बाबई रोड़ शराब दुकान के पास तो फुटपाथ पर अहाते जैसे हालात निर्मित हो जाते हैं। शाम ढलने के बाद महिलाएं बच्चे यहां से निकलने में भी घबराती हैं। शराब दुकान से शराब खरीदने के बाद असामाजिक तत्व फुटपाथ पर ही अहाता सजा लेते हैं। कुछ लोग तो शराब के नशे में झूमते हुये रोड पर झूमते रहते हैं और यहां पर लोगों के लिये परेशानी खडी कर देते हैं।
रसूखदारों की जेब भर रहे ठेले टपरे !
आईटीआई रोड और शहर के चारों तरफ बिछा अतिक्रमण का जाल.
कुछ टपरे ऐसे भी हैं जिनके दरवाजे कभी खुलते नहीं देखे गये हैं। ऐसा माना जा रहा है कि ये टपरे सिर्फ कब्जा करने की नियत से ही रखे गये हैं। जैसे ही कोई किरायेदार मिलता है उसे फौरन जगह समेत टपरे किराये पर दे दिया जाता है। ऐसे दर्जनों टपरे हैं जो लंबे समय से खाली पडे हैं।
किराया खा रहे रसूखदार सतरास्ता से लेकर आरटीओ तक का मार्ग, यहां पर कुछ रसूखदार सक्रिय हैं जो किराया लेकर सरकारी जमीन पर टपरा रखवाने का धंधा कर रहे हैं। जानकारी मिली है कि इन रसूखदारों के पुलिस और नगर पालिका के कतिपय कर्मचारियों से बेहद घनिष्ठ संबंध हैं। जिसके बूते ये किसी की भी दुकान सडक के बीच में सजवा लेते हैं और उससे एक मुश्त रकम ले ली जाती है या फिर हर महीने किराया वसूल किया जाता है।
उन्हें पता होता है कि यहां पर टपरा रखने की पूरी रियायत मिली हुई है। यह भी कहा जाता है कि यहां पर एक बार जिसका टपरा जम जाता है तो फिर उसे हटाया नहीं जाता।देखना है कि रोड़ के किराने रहे टप टपरे हट पायेगे कि नही ? जिला प्रषासन क्या कार्यवाही करेगी ?????