दलाल सेवा केंद्र बन गया, लोक सेवा केंद्र...
स्कूल-कॉलेज चालू होने से पहले छात्र-छात्राओं से लेकर अभिभावक भी बच्चों के जाति, आय और मूल निवासी प्रमाण-पत्र बनवाने में लगे हुए हैं। इस वजह से लोक सेवा केंद्र में लंबी कतारें दिखाई दे रहीं हैं। लोग अपनी बारी का इंतजार करते हुए दिखाई दे रहे हैं, ताकि उनके प्रमाण-पत्र बनकर मिल जाएं। इस बीच नियमों का पालन करने वाले लोग लाइन में लगकर अपना काम करवाते हैं, दूसरी तरफ दलाली करने वाले यहां आते हैं और अपना काम करवाकर चलते बनते हैं। ऐसे ही कई नजारे देखने को मिल रहा है। एक शख्स, जिसके हाथ में एक दो नहीं, बल्कि 15 से अधिक जाति व आय, मूल निवासी प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए फॉर्म थे। वह लाइन में लगा हुआ था और एक के बाद एक अपने फॉर्म जमा कर रहा था, जिससे ऐसे ईमानदार अभिभावक परेशान हो रहे थे, जो कि खुद का एक फॉर्म जमा करने खड़े थे। बताया जा रहा है कि ऐसे कई लोग आते हैं, जो भरे भराए फॉर्म लाते हैं और एक के बाद एक काउंटर पर देकर रसीद कटवाते हैं। ऐसे लोगों पर नकेल नहीं कसी जा रही है।
बाहर घूमते हैं दलाल लोकसेवा केंद्र परिसर के आस-पास ही
मंडराने वाले दलाल ऐसे आवेदकों से संपर्क करते हैं, जिनके पास कम जानकारियां होती हैं और उनसे संपर्क करके मनमानी रकम ऐंठकर उनका काम कराते हैं। ऐसे आवेदकों द्वारा जैसे ही फॉर्म खरीदा जाता है, वैसे ही आवेदन को भरने से लेकर काम करवाने तक की बात कहकर अपने चंगुल में फंसा लेते हैं। वे आवेदक से उनके डॉक्यूमेंट लेकर फॉर्म जमा करने से लेकर पर्ची कटवाकर तक देते हैं, जबकि आवेदक यह काम फ्री में करवा सकता है।
मोबाइल पर नहीं पहुंच रही जानकारी आवेदकों को राहत देने के लिए सब काम डिजिटल किया जा रहा है। आवेदकों के फॉर्म भरते ही उनके मोबाइलों पर मैसेज पहुंच जाता है, लेकिन इन दिनों कई लोगों को मैसेज नहीं पहुंच रहे हैं। मैसेज पहुंचने से राहत होती है, जिसमें प्रमाण पत्र ऑनलाइन ही निकाले जा सकते हैं।
बाहर घूमते हैं दलाल लोकसेवा केंद्र परिसर के आस-पास ही
मंडराने वाले दलाल ऐसे आवेदकों से संपर्क करते हैं, जिनके पास कम जानकारियां होती हैं और उनसे संपर्क करके मनमानी रकम ऐंठकर उनका काम कराते हैं। ऐसे आवेदकों द्वारा जैसे ही फॉर्म खरीदा जाता है, वैसे ही आवेदन को भरने से लेकर काम करवाने तक की बात कहकर अपने चंगुल में फंसा लेते हैं। वे आवेदक से उनके डॉक्यूमेंट लेकर फॉर्म जमा करने से लेकर पर्ची कटवाकर तक देते हैं, जबकि आवेदक यह काम फ्री में करवा सकता है।
मोबाइल पर नहीं पहुंच रही जानकारी आवेदकों को राहत देने के लिए सब काम डिजिटल किया जा रहा है। आवेदकों के फॉर्म भरते ही उनके मोबाइलों पर मैसेज पहुंच जाता है, लेकिन इन दिनों कई लोगों को मैसेज नहीं पहुंच रहे हैं। मैसेज पहुंचने से राहत होती है, जिसमें प्रमाण पत्र ऑनलाइन ही निकाले जा सकते हैं।