सांकेतिक भाषा बनी मूकबधिर दिव्यांगजनों की भावनाओं की आवाज
अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर जिला पंचायत सभागृह में आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम
कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने बच्चों से सांकेतिक भाषा में किया संवाद
नर्मदापुरम/23,सितंबर,2026/ अं
कार्यक्रम के दौरान सांकेतिक भाषा के माध्यम से बच्चों ने अपनी प्रतिभा और भावनाओं को अभिव्यक्त किया। बच्चों ने विशेष सांकेतिक भाषा में कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा को अंग्रेजी वर्णमाला एबीसीडी समझाई। बच्चों की सहज प्रस्तुति और सांकेतिक भाषा में संवाद ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत विशेष नृत्य ने उपस्थित अतिथियों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम में नन्ही सांकेतिक भाषा बिटिया रूद्र ने अधिकारियों और बच्चों के बीच संवाद सेतु की भूमिका निभाई। उनकी सहायता से कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने बच्चों से बातचीत की और सांकेतिक भाषा के माध्यम से उनके नाम जाने। कलेक्टर ने बच्चों की प्रस्तुतियों और उत्साह की सराहना करते हुए उन्हें विशेष उपहार के रूप में कॉपी एवं पेन भेंट किए।
कार्यक्रम का सबसे भावुक एवं आत्मीय क्षण उस समय देखने को मिला, जब बच्चों ने कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के साथ फोटो खिंचवाने के बाद अपनी विशेष सांकेतिक भाषा में हाथ हिलाकर तालियां बजाईं। कलेक्टर श्री मिश्रा ने भी सांकेतिक भाषा में तालियां बजाकर बच्चों का अभिवादन स्वीकार किया और उनका उत्साहवर्धन किया।
अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम से यह भी सिद्ध हुआ कि संवाद केवल शब्दों तक सीमित नहीं है। सांकेतिक भाषा मूकबधिर दिव्यांगजनों के लिए अपनी भावनाओं, विचारों और प्रतिभाओं को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम में बच्चों की सहभागिता और उनकी प्रस्तुतियों ने सभी को संवेदनशीलता, समानता और समावेशिता का संदेश दिया। सभी सहभागियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।