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मीटिंग में गूंज रहे सिर्फ निर्देश-- जिले में धधक रहीं शराब की अवैध भट्टियां,

 मीटिंग में गूंज रहे सिर्फ निर्देश जिले में धधक रहीं शराब की अवैध भट्टियां, 

सागर की घटना के बाद भी जिम्मेदार जिले में केवल खानापूर्ति कर रहे


नर्मदापुरम:- कलेक्टर नर्मदापुरम  सोमेश मिश्रा के आदेशानुसार एवं जिला आबकारी अधिकारी  राजीव प्रसाद द्विवेदी के मार्गदर्शन में अवैध मदिरा विक्रय के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आबकारी विभाग ने कार्रवाई की है। जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार, नशीली दवाओं के अवैध कच्ची शराब निर्माण की फैक्ट्री बना । दुरुपयोग, अवैध शराब के निर्माण एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण तथा नशा मुक्ति अभियान को गति देने के लिए विभागवार कार्रवाई एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तार से समीक्षा हमेषा होती रहती है ? कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभाग अपने-अपने स्तर पर सतत् निगरानी रखें और आपसी समन्वय के साथ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने नशीले पदार्थों की उपलब्धता, अवैध बिक्री, परिवहन एवं उपयोग की रोकथाम के लिए विभागों को सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता से पालन करने तथा कार्रवाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। जिले में कहीं से भी यह सामने नहीं आया कि जिम्मेदारों ने कोई बड़ी कार्रवाई की हो। केवल डिब्बों में भरा करीब महुला लाइन नष्ट करने की कार्रवाई की जाना सामने आया है। ऐसा ढर्रा हर बार चलता है। बैठक मीटिंग में सिर्फ निर्देश गूंजते हैं और खानापूर्ति के बाद सब भुला दिया जाता है। जिले में तो अफसरशाही के यह हालात हैं कि सागर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बावजूद व्यापक स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। पूरे आबकारी महकमे को पता है कि कलेक्टर कार्यालय से 5-7 मिनट के फासले पर स्थित शहर के कई इलाके में घर-घर अवैध भट्टियां धधक,देषी शराब बेची जा रही हैं और धड़ल्ले से खुलेआम कच्ची शराब बनाकर उसका व्यापक स्तर पर विक्रय किया जा रहा है। यहां अवैध कच्ची शराब बनाने में स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक यूरिया व नौशादर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बावजूद अवैध शराब के इस बड़े अड्डे पर कार्रवाई की जहमत नहीं उठाई जा रही है। इतना ही नहीं, गांव-गांव अवैध तरीके से शराब के विक्रय का गोरखधंधा चल रहा है। ग्रामीण महिलाओं द्वारा बार-बार एकत्र होकर आवाज उठाई जा रही है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया जा रहा है। आखिर जिले में पदस्थ अबकारी अधिकारी कर्मचारी मोटी मोटी तन्ख्या किस बात की ले रहे है ? आखिर अवैध शराब की बिक्री पर अंकुष क्यो नही लग पा रहा है ? 


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