बच्चों को तराशकर उनका भविष्य बनाने वाले शिल्पकार होते है शिक्षक: कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा
विद्यार्थियों की सफलता ही शिक्षक के लिए सबसे बड़ी गुरु दक्षिणा
शिक्षक दिवस के अवसर पर कलेक्टर ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को किया सम्मानित
प्रोजेक्ट ज्ञानार्पण के तहत बच्चों को प्रदान की गई बेंच डेस्क
नर्मदापुरम/05,सितम्बर,2026/ शि
कलेक्टर श्री मिश्रा ने शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि जिस प्रकार मिट्टी से घड़े अथवा मूर्ति बनाने वाला शिल्पकार मिट्टी के ढेर को तराशकर उसमें से सभी ऐब निकालता है और उसे एक सुंदर आकार प्रदान करता है, उसी प्रकार बच्चे भी शिक्षकों के पास एक अनगढ़ रूप में आते हैं। उन्हें तराशकर ज्ञान, संस्कार और योग्यताओं से परिपूर्ण बनाना शिक्षकों का महत्वपूर्ण दायित्व है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को समाज और दुनिया के लिए तैयार करना शिक्षकों की बड़ी जिम्मेदारी है। शिक्षक ऐसा प्रयास करें कि जब विद्यार्थी विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर अपने जीवन में सफलता हासिल करें, तो वे अपने गुरुजनों को कृतज्ञता के साथ याद करें। यही एक शिक्षक के लिए सबसे बड़ी गुरु दक्षिणा है और यही उसकी शिक्षक के रूप में भूमिका की वास्तविक सार्थकता है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर जिले में संचालित ज्ञानार्पण के तहत प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला एसपीएम में विद्यार्थियों के लिए बेंच एवं डेस्क भेंट किए गए। नए फर्नीचर मिलने पर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। विद्यार्थियों ने तालियां बजाकर कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा, श्री लक्ष्मण सिंह बैंस, श्रीमती आरती बैंस एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों का अभिवादन किया। इस अवसर पर दिव्यांग विद्यार्थियों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से कलेक्टर श्री मिश्रा को धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर सामाजिक कल्याण के उद्देश्य से विद्यालय में दान किए गए बेंच एवं डेस्क विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए गए। नए बेंच-डेस्क पाकर बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
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