पचमढ़ी में 4 दिवसीय मौन ध्यान शिविर, 40 साधकों ने किया योग-प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास
नर्मदापुरम् पिपरिया 7/3/2026 ( छगन कुशवाहा )
पिपरिया। आर्ट ऑफ लिविंग पिपरिया शाखा द्वारा 1 से 4 मार्च तक पचमढ़ी में 4 दिवसीय आवासीय मौनध्यान साधना कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रतिवर्ष होली पर्व के अवसर पर आयोजित होने वाले इस शिविर में योग, प्राणायाम और ध्यान के साथ-साथ मन एवं भावनाओं की शुद्धि के लिए विभिन्न आध्यात्मिक प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया गया। इस वर्ष शिविर का संचालन बिलासपुर से आए प्रशिक्षक विकास साहू के निर्देशन में किया गया।
शिविर आयोजक व आर्ट ऑफ लिविंग टीचर राजेश दुबे ने बताया कि पचमढ़ी का प्राकृतिक वातावरण योग-ध्यान के लिए अत्यंत अनुकूल है। शिविर की शुरुआत प्रतिदिन सुबह 6 बजे योग साधना से होती थी, जो राजेंद्रगिरी और सूर्यनमस्कार प्वाइंट जैसे सूर्योदय स्थलों पर कराई गई। दोपहर के सत्र और भोजन की व्यवस्था भारत स्काउट परिसर में की गई।
संध्याकालीन सत्र में साधकों को प्रकृति के बीच भ्रमण कराया गया, जिसमें पांडव गुफा उद्यान, झील में नौकाविहार और एकांत वन क्षेत्रों का भ्रमण शामिल रहा। इस दौरान साधकों ने प्रकृति से जुड़ाव के साथ पर्यावरण संरक्षण और वन्य जीवन के महत्व को भी समझा। रात्रि में भजन और सत्संग का आयोजन हुआ, जिसमें आनंदमय जीवन से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की विशेषता तीन दिन का मौन साधना अभ्यास रहा।
संस्था के सदस्य दंगल सिंह पटैल ने बताया कि आयोजन की सभी व्यवस्थाएं पिपरिया शाखा के स्वयंसेवकों द्वारा की गईं। आहार, आवास, पंजीयन, यातायात और रिसेप्शन के लिए अलग-अलग टीमों ने सेवाएं दीं, जिससे देश के विभिन्न स्थानों से आए साधकों को सुविधा मिल सकी।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश से आए लगभग 40 साधकों ने भाग लिया। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर द्वारा विश्व शांति और व्यक्तित्व विकास के लिए विभिन्न ध्यान और प्रकृति संरक्षण से जुड़े प्रोजेक्ट संचालित किए जा रहे हैं। पचमढ़ी में मानसून स्पेशल ध्यान शिविर भी जुलाई के पहले सप्ताह में आयोजित किया जाएगा।



