नरवाई जलाने पर सख्ती: पिपरिया में गश्ती दल बनेंगे, बिना SMS सिस्टम वाले हार्वेस्टर पर रोक
नर्मदापुरम् पिपरिया 6/3/2026 ( छगन कुशवाहा )
पिपरिया। गेहूं की कटाई के बाद खेतों में जलने वाली नरवाई पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। शुक्रवार को सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल पिपरिया में नरवाई प्रबंधन विषय पर प्रशिक्षण व बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) आकिब खान ने कहा कि फसल कटाई के बाद नरवाई जलाने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए ग्राम स्तर पर नरवाई प्रबंधन गश्ती दल का गठन किया जाएगा, जो खेतों में जलने वाली नरवाई की निगरानी कर तत्काल कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने बताया कि किसानों को जागरूक करने के लिए अगले 10 दिनों में नरवाई प्रबंधन पाठशालाओं का आयोजन किया जाएगा। साथ ही गांवों में दीवार लेखन और मुनादी के माध्यम से भी किसानों को नरवाई न जलाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
ग्राम पंचायतों में नरवाई प्रबंधन से संबंधित कृषि यंत्रों के कस्टम हायरिंग केंद्रों की सूची तथा हार्वेस्टर संचालकों की सूची चस्पा की जाएगी। बिना SMS सिस्टम वाले हार्वेस्टर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ग्राम पंचायतों में शासकीय भूमि का चयन कर भूसा संग्रह कर गौशालाओं को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा ग्रामवार अनुपयोगी भूमि चिन्हित कर अस्थायी भूसा संग्रह केंद्र बनाए जाएंगे।
बैठक में तहसीलदार पिपरिया व बनखेड़ी, जनपद सीईओ पिपरिया-बनखेड़ी, सीएमओ पिपरिया-बनखेड़ी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक और कोटवार उपस्थित रहे।
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