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पिपरिया में प्याऊ पर “उबलता पानी”, ठंडे जल के नाम पर छलावा—नगरपालिका पर उठे सवाल

 


पिपरिया में प्याऊ पर “उबलता पानी”, ठंडे जल के नाम पर छलावा—नगरपालिका पर उठे सवाल
अभी की टंकी

नर्मदापुरम् पिपरिया 26/4/2026 

( छगन कुशवाहा )

पिपरिया। गर्मी अपने चरम पर है, लेकिन शहर में प्यास बुझाने की व्यवस्था खुद लोगों की परेशानी बनती जा रही है। वर्षों से “दही मुंगोड़ा वाली बऊ” की प्याऊ पर मिलने वाला शीतल जल राहगीरों के लिए राहत का जरिया था। उस ठंडे पानी से सूखा गला तर होता था और लोग दुआएं देते नहीं थकते थे। इस व्यवस्था को लगाने वाले आदरणीय श्री नारायण दास गंगेले के प्रयासों की आज भी चर्चा होती है।


पिछली टंकी

लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। पिपरिया के मंगलवारा थाने से सटी नगरपालिका द्वारा हाल ही में लगाई गई प्लास्टिक सिंटेक्स टंकी लोगों के गुस्से का कारण बन रही है। भीषण गर्मी में इस टंकी से ठंडे पानी की बजाय गर्म, लगभग “उबलता” पानी निकल रहा है। राहगीरों का कहना है कि पानी हाथ में लेते ही उसकी गर्माहट का अहसास हो जाता है, जिससे प्यास बुझने के बजाय और बढ़ जाती है।



स्थिति और भी चिंताजनक तब हो जाती है जब अधिकांश समय यह टंकी खाली ही मिलती है। ऐसे में शहर में सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई नजर आ रही है।




स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले शहर के अलग-अलग स्थानों पर मिट्टी के घड़ों में ठंडा पानी उपलब्ध रहता था, लेकिन अब वह व्यवस्था भी पूरी तरह गायब हो चुकी है। इससे राहगीरों और आम नागरिकों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



नगरवासियों का कहना है कि नगरपालिका को चाहिए कि गर्मियों के मौसम में शहर में ठंडे पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करे। सिर्फ दिखावे के लिए टंकियां लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।


अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कब ध्यान देते हैं या फिर पिपरिया के लोगों को इसी तरह गर्म पानी से ही प्यास बुझानी पड़ेगी।



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