नदी के पत्थरों में दिखा जीवन: चौधरी भोजपाल की अनोखी कलाकारी बनी आकर्षण का केंद्र
नर्मदापुरम् पिपरिया 29/4/2026
( छगन कुशवाहा )
पिपरिया। साधारण पत्थरों में असाधारण कला गढ़ने का हुनर हर किसी के पास नहीं होता, लेकिन स्थानीय कलाकार चौधरी भोजपाल ने यह कर दिखाया है। जीवनदायिनी नदियों से एकत्रित छोटे-छोटे पत्थरों को जोड़कर उन्होंने मानव आकृतियों की ऐसी जीवंत कलाकृतियां तैयार की हैं, जो देखने वालों को ठहरने पर मजबूर कर देती हैं।
इन कलाकृतियों में ग्रामीण जीवन की झलक साफ नजर आती है। कहीं महिलाएं घड़े लेकर जाती दिखती हैं, तो कहीं पुरुष श्रम करते हुए नजर आते हैं। पत्थरों को बिना किसी आधुनिक उपकरण के सहेजकर बनाई गई यह कला न केवल सृजनशीलता का उदाहरण है, बल्कि प्रकृति के प्रति जुड़ाव भी दर्शाती है।
चौधरी भोजपाल बताते हैं कि उन्होंने इन पत्थरों को नदियों के किनारे से चुन-चुनकर एकत्र किया और अपनी कल्पना के अनुसार उन्हें आकार दिया। उनका उद्देश्य है कि लोग प्रकृति की साधारण चीजों में भी सुंदरता और कला को पहचानें।
स्थानीय लोगों के बीच यह अनोखी “पत्थर मानव शिल्प कला” तेजी से लोकप्रिय हो रही है। लोग इस नवाचार की सराहना कर रहे हैं और इसे क्षेत्र की एक नई पहचान के रूप में देख रहे हैं।






