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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को भारत भवन में सदानीरा समागम का उद्घाटन किया

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को भारत भवन में सदानीरा समागम का उद्घाटन किया

जल संरक्षण और भारतीय ज्ञान परंपरा पर राष्ट्रीय चर्चा
भारत भवन में 27 मई से 2 जून तक रवाना होने वाली सात दिवसीय समागम में
देश-विदेश के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और कलाकार शामिल होंगे, जिसमें
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, वास्तुकला आश्रम और जल-विद्वान प्रदर्शनियां मुख्य आकर्षण होंगी।


मुख्यमंत्री डॉ. राष्ट्रीय मोहन यादव, रविवार 27 मई को भारत भवन में संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक उत्सव "सदानीरा समागम" के अंतर्गत 'जल गंगा अवतरण अभियान' का शुभारंभ होगा। वीर भारत न्यास द्वारा जल संरक्षण, भारतीय संस्कृति, पंचमहाभूतों और सतत विकास के विषयों पर केंद्रित यह गरिमामयी समारोह 2 जून तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश के विद्वान, पर्यावरण विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, नीति-निर्माता और कलाकार शामिल होंगे। उद्घाटन समारोह में खेल एवं युवा कल्याण एवं कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, शेष वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ऑर्केस्ट्रा (स्वतंत्र प्रतिनिधि) श्रीमती कृष्णा गौड़ एवं संस्कृति एवं पर्यटन मनोरंजन (स्वतंत्र विधान) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लाध्याम एसोसिएट।

वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि इस सात दिव्य समागम में भारतीय दर्शन के पंचमहाभूत-जल, पृथ्वी, वायु, आकाश और अग्नि पर आधारित विभिन्न दिव्य सत्र आयोजित किये जायेंगे। इन सत्रों में भूगर्भिक जल संसाधन, प्राकृतिक ऊर्जा, पर्यावरण और पारंपरिक ज्ञान पर देश-विदेश के विशेषज्ञ गहराई से मंथन करेंगे। इस राष्ट्रीय चर्चा में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), आईआईएम बोधगया जैसे देशों के प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों और विभिन्न देशों के सीएसआर प्रमुखों ने भी अपने विचार साझा किए।

समागम में विश्वनाथ मठ के साथ प्रतिदिन सांयकाल सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रमों की धूम रहती है, जिसमें नृत्य-नाटिकाएं, लोकगायन और नाटकीय प्रस्तुतियां शामिल होती हैं। इस दौरान भारतीय नौसेना बैंड की सिम्फनी, 'गोवर्धन लीला' और 'गंगा यात्रा' की प्रस्तुतियाँ मुख्य आकर्षण हैं। इसके साथ ही 'जल, जंगल, जीवन' पर केंद्रित राष्ट्रीय जनजातीय चित्रशाला और पारंपरिक चित्र शैली में जल आश्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश भर के नामचीन कला भाग शामिल हैं। आयोजन स्थल पर एम.पी.आर. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, बरकतुल्ला विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय विज्ञान संग्रहालय के सहयोग से जलचर जीवन, मध्य प्रदेश के जल गंगा सहयोग अभियान, लघु विज्ञान में जल और भूगर्भीय जल संसाधनों पर आधारित चार प्रदर्शन विशेषियाँ भी उपलब्ध हैं।

कार्यक्रम में जल और संस्कृति पर आधारित महत्वपूर्ण स्तुति का रहस्य भी शामिल है, जिसमें वीर भारत न्यास और पोस्टकॉस्ट द्वारा प्रकाशित 'अंतर्जली यात्रा', 'पुरोवाक', प्रेम शुक्ल की 'आत्मा की घाटी में पानी का' और राजेश्वर की 'जल, संस्कृति और स्थापत्य' शामिल हैं। इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में भारत भवन, मध्य प्रदेश जन जातीय संग्रहालय, राष्ट्रपति विभाग, माखनलाल चौधरी राष्ट्रीय साहित्य विश्वविद्यालय, दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान, यूनाइटेड कॉन्शसनेसनेस, सेज, एलएनसीटी और सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी सहित संग्रहालय बोर्ड, नामांकित समग्र और जिला प्रशासन भोपाल जैसी कई संस्थाएं सहयोगी के रूप में अपना सक्रिय योगदान दे रही हैं।

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