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संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा परीक्षण एवं प्राकृतिक खेती अपनाने की दी सलाह

 


अनुशंसा से अधिक उर्वरक उठाव करने वाले कृषकों से कृषि विभाग ने किया संपर्क

संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा परीक्षण एवं प्राकृतिक खेती अपनाने की दी सलाह

नर्मदापुरम कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा से प्राप्त निर्देशों के पालन में कृषि विभाग द्वारा उर्वरक उपयोग की निगरानी एवं कृषकों को जागरूक करने हेतु विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में 15 मई से अब तक अनुशंसा अनुसार उर्वरक उठाव करने के पश्चात पुनः अतिरिक्त उर्वरक लेने वाले 13 कृषकों से 20 मई 2026 को एटीएम एवं बीटीएम अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर संपर्क किया गया। अधिकारियों द्वारा कृषकों से अनुशंसा से अधिक मात्रा में उर्वरक उठाव के कारणों की जानकारी ली गई। कृषकों ने बताया कि धान फसल हेतु अग्रिम उर्वरक संग्रहण, मूंग की फसल कमजोर होने पर अतिरिक्त खाद का उपयोग, अन्य कृषकों को खाद देने, अन्य फसलों में उपयोग तथा सिकमी भूमि में प्रयोग के कारण पुनः उर्वरक उठाव किया गया।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने कृषकों को मृदा परीक्षण के आधार पर प्राप्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसा अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी। साथ ही फसल विविधीकरण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कृषकों को समझाइश दी गई कि अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से उत्पादन लागत बढ़ती है तथा मृदा स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अधिकारियों ने कृषकों से जैविक खाद के उपयोग, ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई एवं कम लागत वाली प्राकृतिक खेती पद्धतियों को अपनाने की अपील की। साथ ही भविष्य में संतुलित एवं आवश्यकतानुसार उर्वरक उपयोगकरने संबंधी सलाह भी दी गई।

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