जन विश्वास अभियान के तहत प्रत्येक शुक्रवार विकासखंडों में लगें समाधान शिविर : कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा
मूंग उपार्जन केन्द्रों पर बारदाने, तौल कांटे एवं हम्मालों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए सुनिश्चित
नर्मदापुरम/04,अगस्त,2026/ मं
बैठक के दौरान कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जन विश्वास अभियान के अंतर्गत जिले के प्रत्येक विकासखंड में प्रत्येक शुक्रवार को समाधान शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों के माध्यम से आमजन की शिकायतों का साप्ताहिक आधार पर त्वरित एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विभाग शिकायतों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपूर्वक समाधान सुनिश्चित करें। जिन शिकायतों का तत्काल समाधान संभव नहीं है, उनमें स्पष्ट एवं तार्किक कारण दर्ज किए जाएं, ताकि आवेदक को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
उन्होंने बताया कि अनिराकृत शिकायतों में से ऑनलाइन माध्यम से समाधान की समीक्षा के लिए शिकायतों का चयन किया जाएगा। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसलिए सभी अधिकारी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें। बैठक में विभागवार शिकायतों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए। साथ ही कृषि एवं उससे संबंधित विभागों, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य विभागों को भी जन विश्वास अभियान के अंतर्गत विकासखंड स्तर पर नियमित शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक नागरिकों को योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने जिले में समर्थन मूल्य पर मूंग उपार्जन कार्य की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी उपार्जन केंद्रों पर बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता हर स्थिति में सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को उपज विक्रय में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि उपार्जन कार्य में तेजी लाने के लिए प्रत्येक केंद्र पर आवश्यकता अनुसार तौल कांटों की संख्या बढ़ाई जाए तथा पर्याप्त संख्या में हम्मालों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उपार्जन प्रक्रिया सुचारु, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संचालित हो, इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करें।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में पूर्व में उपार्जित मूंग वर्तमान उपार्जन केंद्रों तक नहीं पहुंचनी चाहिए। इसके लिए सतत निगरानी रखी जाए तथा पुनर्चक्रण (री-सर्कुलेशन) की किसी भी संभावना को सख्ती से रोका जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि व्यापारियों द्वारा विक्रय के उद्देश्य से मूंग का जिले की सीमा से बाहर परिवहन संबंधित एसडीएम की निगरानी में ही किया जाए। उपार्जन समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का सतत मूल्यांकन करें तथा किसी भी अनियमितता की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री साई कृष्ण एस थोटा, जिला पंचायत सीईओ श्री हिमांशु जैन, अपर कलेक्टर श्री राजेश शुक्ला सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।