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माँ नर्मदा प्राकट्योत्सव हथवास से साड़िया तक आस्था की पदयात्रा, 20 किमी पैदल चलकर मां को अर्पित की चुनरी

 

माँ नर्मदा प्राकट्योत्सव

हथवास से साड़िया तक आस्था की पदयात्रा, 20 किमी पैदल चलकर मां को अर्पित की चुनरी

नर्मदापुरम् 25/1/206(छगन कुशवाहा पिपरिया) नर्मदापुरम्प पिपरिया, मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी माँ नर्मदा का प्राकट्योत्सव रविवार को पूरे प्रदेश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। विश्व की एकमात्र नदी जो पूर्व से पश्चिम दिशा में 1312 किलोमीटर बहती हैं, जिनकी परिक्रमा का विशेष धार्मिक महत्व है । 


समय: पैदल परिक्रमा में 100 से 250 दिन (लगभग 3-8 महीने) लग सकते हैं, यह आपकी गति और मार्ग पर निर्भर करता है।

नियम: परिक्रमा का एक मुख्य नियम यह है कि नदी को पार नहीं करना होता, इसलिए भक्तों को एक किनारे से चलना शुरू करके अंत में दूसरे किनारे से लौटना होता है।



शुरुआत: इसे अमरकंटक या ओंकारेश्वर जैसे पवित्र स्थानों से शुरू किया जाता है।

व्यवस्था: इस यात्रा में आश्रमों और स्थानीय लोगों (परिक्रमवासियों) द्वारा भोजन और आवास की व्यवस्था मिलती है।

उस मां नर्मदा की जयंती पर हर ओर भक्ति का माहौल नजर आया।



पिपरिया क्षेत्र में नर्मदा जयंती महोत्सव का शुभारंभ भव्य चुनरी शोभायात्राओं के साथ हुआ। नगर से सटे हथवास गांव स्थित खेड़ापति मंदिर से कुशवाहा समाज एवं ग्रामीणों द्वारा 251 मीटर लंबी चुनरी के साथ शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालु करीब 20 किलोमीटर पैदल चलकर साड़िया स्थित नर्मदा तट पहुंचे, जहां मां नर्मदा को चुनरी अर्पित की जाएगी। यात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष एवं युवा श्रद्धालु शामिल रहे।



जयघोषों से गूंजे मार्ग

शोभायात्रा रविवार सुबह 11 बजे हथवास से प्रारंभ हुई, जो शोभापुर रोड, मंगलवारा चौक, साड़िया रोड, सिलारी चौक होते हुए हाईवे मार्ग से साड़िया नर्मदा घाट की ओर रवाना हुई। पूरे मार्ग में श्रद्धालु ‘जय मां नर्मदा’ के जयघोष करते हुए हाथों में चुनरी लेकर आगे बढ़ते नजर आए।

नगर में हिंदू उत्सव समिति, जय माता दी समिति सहित अन्य सामाजिक संगठनों एवं नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। जगह-जगह पूजन-अर्चन कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया गया।

सातवां चुनरी महोत्सव, पूरा गांव शामिल

यात्रा में शामिल बाबूलाल ठेकेदार ने बताया कि यह सातवां चुनरी महोत्सव है, जिसमें पूरा गांव उत्साहपूर्वक भाग लेता है। पचमढ़ी रोड क्षेत्र से भी श्रद्धालुओं ने आस्था की चुनरी यात्राएं निकालीं, जो साड़िया नर्मदा घाट की ओर बढ़ीं।

साड़िया घाट पर विशेष आयोजन

साड़िया में नर्मदा जयंती महोत्सव समिति द्वारा जल मंच पर विराजित मां नर्मदा की प्रतिमा का सुबह विधिवत पूजन एवं दुग्धाभिषेक किया गया। दोपहर बाद भंडारा प्रसादी का वितरण प्रारंभ हुआ। वहीं शाम को नर्मदा तट पर शोभायात्रा, दीपदान एवं भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा।

ग्राम पंचायत साड़िया, राजस्व विभाग एवं पुलिस प्रशासन द्वारा नर्मदा घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की गई है।



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