3 साल में 16 जनसुनवाई, फिर भी कार्रवाई शून्यढाबा कला पंचायत भ्रष्टाचार पर प्रशासन मौन
नोटिस, विधायक का पत्र… सब बेअसर, ग्रामीणों में उबाल
ग्राम पंचायत ढाबा कला में बीते तीन वर्षों से चल रहे भ्रष्टाचार और गबन के मामलों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने अब तक 16 बार कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायतें कीं, जांच में आरोप सही भी पाए गए, इसके बावजूद आज तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
जानकारी के अनुसार शिकायतों की पुष्टि होने पर 18 सितंबर 2024 को जिला पंचायत द्वारा संबंधित सरपंच-सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इतना ही नहीं, क्षेत्रीय विधायक ने भी कलेक्टर को पत्र लिखकर पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन इसके बाद भी मामला फाइलों में ही दबा रह गया।
जनसुनवाई पर उठे सवाल
मंगलवार 20 जनवरी 2026 को हुई जनसुनवाई में नाराज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अब तक दिए गए सभी शिकायत आवेदन वापस लेकर मामले को शासन स्तर तक ले जाएंगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि जनसुनवाई अब सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह गई है। शिकायतें दर्ज होती हैं, जांच होती है, नोटिस भी जारी होते हैं, लेकिन दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती।
संरक्षण किसका?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि
- जब शिकायतें सही पाई गईं,
- नोटिस जारी हो चुका,
- जनप्रतिनिधि भी पत्र लिख चुके,
तो फिर सरपंच और सचिव पर कार्रवाई क्यों नहीं?
क्या भ्रष्टाचारियों को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है?
या फिर पंचायत स्तर के भ्रष्टाचार को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है?
प्रशासन की चुप्पी भारी
लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन की चुप्पी अब संदेह के घेरे में है। यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला आने वाले दिनों में बड़ा जनआंदोलन और उच्चस्तरीय जांच की मांग का रूप ले सकता है।
अब देखना यह है कि प्रशासन जमीनी कार्रवाई करता है या फिर ढाबा कला पंचायत का यह भ्रष्टाचार भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दफन होकर रह जाएगा।
