
डॉ. किटी मौर्य
सेज यूनिवर्सिटी से डॉ. किटी मौर्य को पीएचडी, घाव उपचार के लिए उन्नत हाइड्रोजेल्स पर किया शोध

नर्मदापुरम् पिपरिया 1/3/2026 ( छगन कुशवाहा ) पिपरिया,
भोपाल। शहर के लिए गौरव का विषय है कि स्वर्गीय अजय मौर्य की सुपुत्री डॉ. किटी मौर्य को सेज यूनिवर्सिटी भोपाल द्वारा पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है। उन्होंने अपना शोध कार्य डॉ. वर्षा निगम गौर के निर्देशन तथा डॉ. अनामिका सिंह के सह-निर्देशन में पूर्ण किया।
डॉ. मौर्य के शोध का विषय था — “घाव उपचार सामग्री के रूप में उत्तेजना-संवेदी (उत्तेजना प्रतिक्रियाशील) हाइड्रोजेल्स का संश्लेषण एवं विशेषण घाव सामग्री के रूप में उत्तेजना प्रतिक्रियाशील हाइड्रोजेल का संश्लेषण और लक्षण वर्णन ।
तापमान और pH के अनुसार प्रतिक्रिया देने वाले हाइड्रोजेल्स पर शोध
अपने शोध में उन्होंने ऐसे उन्नत हाइड्रोजेल्स के निर्माण एवं विश्लेषण पर कार्य किया, जो तापमान, pH अथवा अन्य जैविक उत्तेजनाओं के प्रति संवेदनशील होते हैं। ये विशेष प्रकार के हाइड्रोजेल्स घावों के प्रभावी उपचार में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह शोध चिकित्सा एवं जैव-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने की क्षमता रखता है।
शिक्षा एवं शोध में सक्रिय भूमिका
वर्तमान में डॉ. किटी मौर्य शहीद भगत सिंह गवर्नमेंट पी.जी. कॉलेज में सहायक प्राध्यापक (सहेयक प्रोफेसर) के पद पर कार्यरत हैं और शिक्षा व अनुसंधान के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दे रही हैं।
उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, गुरुजन, सहकर्मियों एवं शुभचिंतकों में हर्ष का वातावरण है।
डॉ. किटी मौर्य को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ।


