रामनवमी पर श्रद्धा में डूबा पिपरिया, प्रभु श्रीराम के जयकारों से गुंजायमान हुआ वातावरण
नर्मदापुरम् पिपरिया 27/3/2026
( छगन कुशवाहा )पिपरिया। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी पर पिपरिया शहर सहित आसपास का पूरा क्षेत्र भक्ति और आस्था में सराबोर नजर आया। सुबह की पहली किरण के साथ ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हर ओर “जय श्रीराम” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान श्रीराम का पूजन-अर्चन कर जीवन में सुख, शांति और धर्म मार्ग पर चलने की कामना की। मंदिरों में विशेष सजावट की गई और भजन-कीर्तन के माध्यम से प्रभु की महिमा का गुणगान किया गया।
भक्ति और उत्साह का संगम बना शोभायात्रा का दृश्य
शाम होते ही शहर में निकली भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा आस्था का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रही थी। आकर्षक झांकियों में सजे राम दरबार के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भगवा वस्त्र धारण किए भक्त हाथों में ध्वज लेकर प्रभु के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे।
भजन मंडलियों की मधुर स्वर लहरियां वातावरण को और भी दिव्य बना रही थीं, वहीं महाराष्ट्र के ढोल-नगाड़ों की थाप पर श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर नृत्य कर रहे थे।
ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा नगर प्रभु श्रीराम की भक्ति में एकाकार हो गया हो।
आरती, प्रसाद और सेवा का भाव
मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम की आरती उतारी और प्रसाद वितरण किया। जगह-जगह श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए मंच सजाए गए, जहां पुष्प वर्षा कर प्रभु की अगवानी की गई।
जनप्रतिनिधियों ने की पूजा-आरती, हुआ स्वागत
शोभायात्रा मंगलवारा चौक पहुंची, तब नगर पालिका अध्यक्ष नीना नवनीत नागपाल और विधायक ठाकुरदास नागवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी। दुर्गा मंदिर समिति द्वारा प्रसाद वितरण किया गया, जबकि हिंदू उत्सव समिति सहित विभिन्न संगठनों ने यात्रियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
आस्था के साथ अनुशासन का भी संदेश
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में अनुशासन और सेवा भाव भी देखने को मिला। प्रशासन की उपस्थिति में कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से सम्पन्न हुआ।
रामनवमी के इस पावन अवसर पर पिपरिया में उमड़ी श्रद्धा ने यह संदेश दिया कि भगवान श्रीराम केवल आस्था के प्रतीक ही नहीं, बल्कि सत्य, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी हैं।








