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निजी स्कूलों की मनमानी पर एबीवीपी का प्रदर्शन, अभिभावकों पर महंगी किताबों का बोझ

 


निजी स्कूलों की मनमानी पर एबीवीपी का प्रदर्शन, अभिभावकों पर महंगी किताबों का बोझ



नर्मदापुरम् पिपरिया 8/4/2026 

( छगन कुशवाहा )

पिपरिया. शहर में निजी स्कूलों द्वारा महंगी किताबें थोपे जाने के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने सोमवार को तहसील कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के नाम नायब तहसीलदार नीरज बैंस को ज्ञापन सौंपा। परिषद ने आरोप लगाया कि कई निजी स्कूल शासन के नियमों की अनदेखी कर रहे हैं और एनसीईआरटी की सस्ती पुस्तकों की जगह निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें अभिभावकों पर थोप रहे हैं।


परिषद का कहना है कि महंगी पुस्तकों के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। एबीवीपी ने सभी स्कूलों में नियमानुसार एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य करने की मांग की है।


हालांकि, इस पूरे मामले में अभिभावकों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब स्कूलों ने जनवरी में ही निजी प्रकाशकों को ऑर्डर दे दिए थे, तब विरोध क्यों नहीं किया गया। अधिकांश अभिभावक पहले ही महंगी किताबें खरीद चुके हैं। ऐसे में अब किया जा रहा प्रदर्शन केवल औपचारिकता नजर आ रहा है।


अभिभावकों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो उन्हें राहत मिल सकती थी। पुस्तक मेलों में खुलेआम महंगी किताबों की बिक्री होती रही, लेकिन न तो स्कूलों पर और न ही संबंधित विक्रेताओं पर कोई ठोस कार्रवाई की गई। इससे प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।


परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक नहीं लगाई गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। वहीं अभिभावकों की मांग है कि प्रशासन सख्ती दिखाते हुए एनसीईआरटी की किताबें लागू करवाए और महंगी पुस्तकों की अनिवार्यता खत्म करे, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।

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