*माखननगर में चाकूबाजी! 50 साल के अशोक सराठे पर जानलेवा हमले का आरोप, पुलिस ने 4 आरोपियों को दबोचा*
*आवास कॉलोनी में गाली-गलौज रोकने पर मारपीट और चाकू से हमला करने की शिकायत
माखननगर, नर्मदापुरम। भैया, अगर कोई व्यक्ति मोहल्ले में हो रही गाली-गलौज को रोकने की बात कहे, तो क्या जवाब में उसके साथ मारपीट और चाकू से हमला होना चाहिए? आवास कॉलोनी में 23 अक्टूबर की रात हुई घटना ने इसी सवाल को सामने ला दिया है।
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, 50 वर्षीय अशोक सराठे ने घर के पीछे गाली-गलौज कर रहे लोगों को ऐसा करने से मना किया था। आरोप है कि इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और चाकू से हमला किया गया। अशोक सराठे के पेट और छाती में गंभीर चोटें आईं। उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माखननगर ले जाया गया।
यह कोई छोटी-मोटी कहासुनी का मामला बताकर नजरअंदाज करने वाली घटना नहीं है। शिकायत में जानलेवा हमले का आरोप लगाया गया है और पुलिस ने इसी आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
*चार गिरफ्तार, बाकी आरोपियों की तलाश जारी*
माखननगर पुलिस के अनुसार, शिकायत में निहाल खान और भैय्या खान पर चाकू से हमला करने का आरोप है। अन्य आरोपियों पर मारपीट में शामिल होने और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं।
पुलिस ने इस मामले में निहाल खान, सोहिल खान, अनमोल उर्फ अमन प्रजापति और अज्जू खान को गिरफ्तार किया है। घटना में शामिल बताए गए अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक साईकृष्णा एस. थोटा के निर्देश पर की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन और एसडीओपी सोहागपुर अरविंद शाह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक कंचन सिंह ठाकुर के नेतृत्व में दो पुलिस टीमें बनाई गईं। टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर तलाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गंभीर घटना के बाद आरोपियों की तलाश करना और गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे बढ़ाना पुलिस की जिम्मेदारी है। इस मामले में थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर के नेतृत्व में टीम ने सक्रियता दिखाई और चार गिरफ्तारियां कीं।
पुलिस की कार्रवाई की असली कसौटी अभी बाकी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और अदालत में टिकने वाले साक्ष्य जुटाना भी उतना ही जरूरी है। पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।
*आरोप गंभीर हैं, फैसला अदालत करेगी*
माखननगर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 296(बी), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों को अभी न्यायालय में सिद्ध होना बाकी है।
