मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा समाधान ऑनलाइन में दिए गए निर्देश पर त्वरित एक्शन
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पर हरदा के जिला संयोजक निलंबित
संभागायुक्त श्रीकांत बनोठ ने जारी किए आदेश,
जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा पात्र हितग्राहियों को लाभ उपलब्ध कराए जाने में लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त : सीएम डॉ यादव
नर्मदापुरम/10,अक्टूबर,2026/ मु
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरदा जिले की शिकायतकर्ता श्रीमती रेखा यादव द्वारा रसोइया के मानदेय का भुगतान नहीं होने तथा बैतूल जिले के ग्राम धनियाजाम, विकासखंड चिचोली निवासी श्री अरविन्द इवने द्वारा आवास सहायता योजना की राशि का भुगतान विलंब से किए जाने संबंधी शिकायत सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज कराई गई थी। इन शिकायतों के निराकरण में अत्यधिक विलंब को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने जिला संयोजक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने के निर्देश समाधान ऑनलाइन के दौरान दिए। निर्देशों के परिपालन में नर्मदापुरम संभागायुक्त ने श्री माथुर के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की है।
संभागायुक्त द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि श्री प्रमोद कुमार माथुर का उक्त कृत्य प्रथम दृष्टया मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 के उपनियम (1), (2) एवं (3) के प्रतिकूल है। इसे कदाचरण मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) के अंतर्गत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान श्री माथुर का मुख्यालय कार्यालय संभागीय उपायुक्त, अनुसूचित जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग, नर्मदापुरम संभाग, नर्मदापुरम निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को हरदा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद किया था। इस दौरान शिकायतों के निराकरण में लापरवाही सामने आने पर मुख्यमंत्री ने जिला संयोजक श्री प्रमोद कुमार माथुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए थे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रदेश में किसी भी जिले में पात्र हितग्राहियों को हित लाभ उपलब्ध कराने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
