सिवनी मालवा क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन पर प्रशासन की सख्त कार्यवाही
ग्राम भांगिया में नरवाई जलाने पर दर्ज की गई एफआईआर
कलेक्टर श्री आशीष वशिष्ठ के निर्देश पर जिले में नरवाई प्रबंधन की निरंतर हो रही मॉनिटरिंग ड्रोन से रखी जा रही नजर
जिला प्रशासन की किसानों से अपील नरवाई न जलाएं, कृषि यंत्रों और कस्टम हायरिंग केंद्रों की लें मदद
नर्मदापुरम/18, अक्टूबर, 2026/ जिले में खरीफ फसल की कटाई के उपरांत खेतों में बचे फसल अवशेषों (नरवाई) को जलाने से रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्री आशीष वशिष्ठ के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी दी जा रही है। नरवाई जलाने पर रोक लगाने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी किए गए हैं। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि नरवाई जलाने के मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिले में नरवाई प्रबंधन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। कलेक्टर श्री वशिष्ठ के निर्देश पर संबंधित विभागों के अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित कर नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया गया है। साथ ही किसानों से पर्यावरण और मिट्टी की उर्वरता को सुरक्षित रखने के लिए नरवाई का उचित प्रबंधन करने की अपील की गई है।
नरवाई जलाने की घटनाओं की निगरानी राज्य स्तर पर सेटेलाइट के माध्यम से तथा स्थानीय स्तर पर ड्रोन से की जा रही है। इसके अतिरिक्त स्थानीय स्तर पर गठित क्विक रिस्पांस टीम भी सतत निगरानी कर रही हैं।
इसी क्रम में थाना सिवनी मालवा क्षेत्र के ग्राम भांगिया में संयुक्त ग्राम स्तरीय नरवाई समिति द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान हल्का पटवारी, ग्राम कोटवार एवं कृषि विस्तार अधिकारी को कृषक ओमप्रकाश के खेत में नरवाई जलाने के साक्ष्य मिले। इस मामले में संबंधित किसान के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223(क) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि फसल कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेषों को न जलाएं। यदि किसी किसान के पास नरवाई प्रबंधन के लिए आवश्यक कृषि यंत्र उपलब्ध नहीं हैं, तो वे स्थानीय स्तर पर संसाधन उपलब्ध कराने वाले किसानों से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा कृषि विभाग द्वारा संचालित जे-फार्मा ऐप के माध्यम से कस्टम हायरिंग केंद्रों तथा कृषि यंत्रों की सेवाएं प्रदान करने वाले सेवा प्रदाताओं से भी संपर्क कर मशीनें प्राप्त की जा सकती हैं।
जिला प्रशासन ने किसानों से नरवाई का उचित प्रबंधन कर पर्यावरण संरक्षण, भूमि की उर्वरता बनाए रखने और आगजनी की घटनाओं को रोकने में सहयोग करने की अपील
