राजपूत ने विजयादशमी पर प्रदेशवासियों को शुभकामकाएं दी है। उन्होंने कहा है कि विजयादशमी का पर्व हमें शिक्षा देता है कि असत्य और अधर्म चाहे कितना भी प्रबल क्यों न हो, धर्म और सत्य की विजय निश्चित है। विजयादशमी का पर्व हमें साहस और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
