Type Here to Get Search Results !

जाॅच के नाम पर जिम्मेदार अधिकार सिर्फ खानापूर्ति ... ? बिना ढके खुले में बिक रही खाद्य सामग्री सेहत को खतरा, क्वालिटी पर भी सवाल........?

 बिना ढके खुले में बिक रही खाद्य सामग्री सेहत को खतरा, क्वालिटी पर भी सवाल........जाॅच के नाम पर जिम्मेदार अधिकार सिर्फ खानापूर्ति ... ?


लोग पूरी तय कीमत चुकाकर खाद्य सामग्री खरीद रहे है, लेकिन क्या ये वाकई क्वालिटी फुल और शुद्ध है..? शहर के हर जगह चैराहों के पास और सड़कों के किनारे दर्जनों फूड स्टॉल व ठेले लगे नजर आयेगे। अधिकांश जगहों पर तो समोसे, कचैड़ी, चाट, पानी-पुरी, चाइनीज आदि को बिना ढके धडल्ले से बेचा जा रहा है।ओर बनाने वाले लोग भी बिना ग्लब्ज व सुरक्षा के बीच ही अपना काम करते देखे जा सकते है वहीं सड़क पर उड़ती धूल उस खाद्य सामग्री में समाती है । वही स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की सामग्री लोगों की सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती रही है। जागरूक लोगों का कहना है कि दुर्गोत्सव पर अभी श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ेगी। इस लिहाज से फूड स्टॉलों की नियमित जांच जरूरी है। उडते सबाल शहर में तो जाॅच के नाम पर सिर्फ कुछ सेमपिलिंग ..........,?,?,?,?,?,?,?,?

डॉक्टर बोले- संक्रमण और पेट रोगों का खतरा

जिला अस्पताल के मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. का कहना है कि खुले में असुरक्षित ढंग से रखी और बिना ढको खाद्य सामग्री के सेवन से लोगों को संक्रमण, उल्टी-दस्त, टाइफाइड, पीलिया और पेट संबंधी गंभीर बीमारियों का खतरा हो सकता है। लोगों को जंक फूड से आये दिन बीमार हो रहे है।   जांच के नाम पर महज खानापूर्ति

खाद्य सामग्री के विक्रय के लिए नियमानुसार लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसके साथ ही खाद्य सामग्री को ढककर रखना, साफ-सफाई रखने की अनिवार्यता भी है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। अधिकांश ठेला-गुमटी संचालकों के पास न तो लाइसेंस है और न ही सुरक्षा मानकों की जानकारी। लोगों का कहना है कि कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक सीमित रह जाती है, पर्व को देखते हुए इस पर गंभीरता बरती जानी चाहिए। जबकि खाह्य विभाग के जिम्मेदार अधिकार सिर्फ खानापूर्ति करके ही रह जाते है देखना है कि आगे भी इसी तरह चलता रहेगा कि फिर कोई बड़ी कार्यवाही होगी ......,?

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.